
बिलासपुर। घरेलू एलपीजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर पुर्व ब्लॉक अध्यक्ष शहर जावेद मेमन ने भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा है। फिर से LPG के दाम बढ़ने के बाद उन्होंने कहा कि “सरकार चुपके-चुपके, धीरे-धीरे जनता की जेब काट रही है।”
पिछले तीन महीनों मे दुसरी बार है जब एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं। जिससे आम जनता की कमर टूट गई है। आज देश में महंगाई अपने चरम पर है और 140 करोड़ लोगों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब रूस और ईरान जैसे देश भारत को सस्ता और पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस देने के लिए तैयार हैं, तो केंद्र सरकार उनसे खरीदारी क्यों नहीं कर रही। आखिर सरकार की ऐसी क्या मजबूरियां हैं कि जनता पर लगातार महंगाई का बोझ डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी की बढ़ती कीमतों का असर अब हर जरूरी वस्तु पर दिखाई देने लगा है। एलपीजी के साथ -साथ खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की चीजें महंगी हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दूध खाघ तेल के भाव बढ़ गए हैं, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है।
देश की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि भारत के आम लोगों की कमाई लगातार घटती जा रही है और बचत खत्म होती जा रही है। आज सड़क पर निकलकर देख लीजिए, करोड़ों लोग 18-20 हजार रुपये महीना जैसी बेहद कम आय में परिवार चलाने को मजबूर हैं। ऐसे देश में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा।
जावेद मेमन ने कहा कि 2024 से लगातार विदेशी पूंजी बाहर जा रही है। सरकार हर असफलता का ठीकरा युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों पर फोड़ रही है, जबकि सच्चाई यह है कि भारत का आर्थिक संकट सिर्फ पिछले दो महीनों का नहीं, बल्कि कई वर्षों की गलत नीतियों, बेरोजगारी, कमजोर आय और आर्थिक कुप्रबंधन का परिणाम है।

