
बिलासपुर के मुस्लिम समाज ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, कहा- हिंदू आस्था के सम्मान और सामाजिक सौहार्द के लिए मिले राष्ट्रमाता का दर्जा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुस्लिम समाज ने एक अनोखी पहल करते हुए गौमाता को “राष्ट्रमाता” घोषित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा है। ज्ञापन में संसद का विशेष सत्र बुलाकर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने हेतु आवश्यक संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
मुस्लिम समाज ने अपने ज्ञापन में कहा है कि भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और करोड़ों हिंदुओं की आस्था में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। सदियों से गाय को केवल एक पशु नहीं, बल्कि मातृत्व, सेवा, करुणा और पालन-पोषण का प्रतीक माना जाता रहा है। ऐसे में गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए उसे राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ के बयान का किया उल्लेख
ज्ञापन में हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के उस बयान का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “गाय माता है और यह जन्म-जन्म का नाता है, इसे घोषित करने की आवश्यकता नहीं है।” मुस्लिम समाज ने मुख्यमंत्री के इस कथन का सम्मान करते हुए कहा कि कई ऐसी बातें होती हैं जिन्हें समाज स्वाभाविक रूप से स्वीकार करता है, फिर भी उन्हें औपचारिक मान्यता प्रदान की जाती है।
माता के नाम के उदाहरण से रखा पक्ष
ज्ञापन में तर्क दिया गया है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माता को माता मानता है, इसके बावजूद सरकारी दस्तावेजों, विद्यालयों और महाविद्यालयों के अभिलेखों में माता का नाम अलग से दर्ज किया जाता है। यह केवल पहचान का विषय नहीं बल्कि सम्मान का भी प्रतीक है। इसी प्रकार यदि हिंदू समाज गाय को माता मानता है तो उसकी इस भावना को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए।
‘भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना से उठाई मांग’
मुस्लिम समाज ने स्पष्ट किया है कि यह मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और विभिन्न धार्मिक आस्थाओं के सम्मान की भावना से प्रेरित है। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत का मुस्लिम समाज देश की सभी धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करता है तथा हिंदू समाज की आस्था को भी समान आदर देता है।
गौवंश संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
समाज का कहना है कि यदि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाता है तो इससे गौवंश संरक्षण, देखभाल, संवर्धन और उनके प्रति सम्मान की भावना को और अधिक बल मिलेगा। साथ ही समाज में पशु संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री से विशेष सत्र बुलाने का आग्रह
ज्ञापन के अंत में प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के संबंध में आवश्यक संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि करोड़ों लोगों की आस्था को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके।

