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मोबाइल बैटरी ब्लास्ट से एक साल के मासूम की जान गई, चेहरे से लेकर सीने तक झुलसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। घर में खेल रहे एक साल के मासूम की खराब मोबाइल बैटरी अचानक फट गई। विस्फोट इतना तेज था कि बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मासूम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
खेलते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बच्चा घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसके हाथ एक पुरानी और खराब मोबाइल बैटरी लग गई। खेलते-खेलते बैटरी में अचानक विस्फोट हो गया। धमाके के साथ निकली गर्मी और आग की चपेट में आने से मासूम गंभीर रूप से झुलस गया।
हादसा इतना भयावह था कि बच्चे का चेहरा, सीना, पेट और हाथ बुरी तरह प्रभावित हुए। परिजन तत्काल उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकी जान
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने बच्चे का इलाज शुरू किया। शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस जाने के कारण उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन गंभीर जलन और उससे उत्पन्न जटिलताओं के कारण मासूम की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई।
चेहरे, सीने और पेट पर सबसे ज्यादा असर
चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार विस्फोट के दौरान निकली गर्मी और रासायनिक प्रभाव से बच्चे के शरीर के कई हिस्से झुलस गए थे। चेहरे, सीने, पेट और दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आई थीं। कम उम्र होने के कारण शरीर पर चोटों का असर और अधिक गंभीर साबित हुआ।
पुलिस ने कराया पोस्टमॉर्टम
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रेमनगर थाना पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
घर में रखी पुरानी बैटरियां बन सकती हैं खतरा
मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां क्षतिग्रस्त होने, दबाव पड़ने, अत्यधिक गर्मी या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में फट सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खराब या फूल चुकी बैटरियों में आग लगने और विस्फोट का जोखिम अधिक रहता है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अक्सर पुराने मोबाइल, चार्जर और बैटरियां घरों में खुले स्थानों पर रखी रहती हैं। ऐसे सामान बच्चों के हाथ लगने पर गंभीर हादसे हो सकते हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक साल के मासूम की मौत से परिवार सदमे में है। जिस घर में बच्चे की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजन बार-बार उस क्षण को याद कर रहे हैं जब खेलते-खेलते बच्चा हादसे का शिकार हो गया।
घटना की प्रमुख बातें
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र का मामला।
घर में खेलते समय खराब मोबाइल बैटरी फटी।
एक साल का मासूम गंभीर रूप से झुलस गया।
चेहरा, सीना, पेट और हाथ बुरी तरह प्रभावित हुए।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
मोबाइल बैटरी विस्फोट से हुई यह घटना एक सामान्य दिखने वाली इलेक्ट्रॉनिक वस्तु से जुड़े गंभीर खतरे को सामने लाती है। सूरजपुर में हुए इस हादसे ने एक परिवार से उसका मासूम छीन लिया और पूरे क्षेत्र को गहरे दुख में डाल दिया।

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