

जिलेभर में एक साथ चली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्थाई वारंटियों से लेकर फरार आरोपियों तक पर कसा शिकंजा; 489 कार्रवाईयों से हिला अपराध जगत
बिलासपुर। जिले में अपराधियों, वारंटियों और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है। एक ही दिन में जिलेभर में समन, वारंट और फरार आरोपियों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 21 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 201 लंबित वारंटों और 163 समंसों की तामिली कर न्यायालयीन आदेशों के पालन को सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही 104 निगरानी गुंडा-बदमाशों की गतिविधियों का सत्यापन कर पुलिस ने उनकी वर्तमान स्थिति और गतिविधियों की पड़ताल की।
पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में यह विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर उन्हें न्यायालयों से जारी लंबित वारंटों, समंसों और फरार आरोपियों की तलाश का जिम्मा सौंपा गया था। पुलिस टीमों ने दिनभर विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
201 वारंटों की तामिली, स्थाई वारंटियों तक पहुंची पुलिस
अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 201 वारंटों की तामिली की। इनमें 77 गिरफ्तारी वारंट, 85 जमानती वारंट और 39 स्थाई वारंट शामिल हैं। लंबे समय से लंबित मामलों में न्यायालयों द्वारा जारी इन वारंटों की तामिली को लेकर पुलिस ने विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की।
स्थाई वारंटों की तामिली को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया, क्योंकि ऐसे मामलों में आरोपी लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से दूर रहते हैं। पुलिस टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
21 फरार आरोपी गिरफ्तार
विशेष अभियान के दौरान विभिन्न आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई आरोपी लंबे समय से न्यायालयीन प्रक्रिया से बच रहे थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। विशेष अभियान के दौरान इन आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
104 निगरानी गुंडा-बदमाशों की हुई चेकिंग
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निगरानी सूची में शामिल गुंडा और बदमाशों की गतिविधियों की जांच भी रहा। जिलेभर में कुल 104 निगरानी गुंडा-बदमाशों की चेकिंग की गई। पुलिस टीमों ने उनके निवास स्थानों और गतिविधियों का सत्यापन किया।
इस दौरान पुलिस ने उनकी वर्तमान गतिविधियों, संपर्कों और क्षेत्र में मौजूदगी की जानकारी जुटाई। साथ ही आवश्यक वैधानिक औपचारिकताओं के तहत उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने संबंधी निर्देशों और समझाइश से भी अवगत कराया गया।
सभी थाना क्षेत्रों में चला एक साथ अभियान
पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में एक साथ अभियान शुरू किया गया। प्रत्येक थाना क्षेत्र में लंबित वारंटों की सूची तैयार कर पुलिस टीमों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। टीमों ने सुबह से देर रात तक अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर कार्रवाई की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि न्यायालयीन आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराधियों के बीच कानून का संदेश पहुंचाना भी था।
आंकड़ों में पूरी कार्रवाई
- गिरफ्तारी वारंट तामील – 77
- जमानती वारंट तामील – 85
- स्थाई वारंट तामील – 39
- कुल वारंट तामील – 201
- समंस तामील – 163
- फरार आरोपी गिरफ्तार – 21
- निगरानी गुंडा-बदमाश चेकिंग – 104
- कुल कार्रवाई – 489
न्यायालयीन प्रक्रिया और अपराध नियंत्रण पर फोकस
अभियान के दौरान न्यायालयों से जारी लंबित आदेशों के पालन को प्राथमिकता दी गई। वारंट और समंस तामिली के साथ-साथ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा निगरानी बदमाशों के सत्यापन को लेकर एक साथ कार्रवाई की गई। जिलेभर में चली इस व्यापक कार्रवाई के कारण पुलिस की गतिविधियां पूरे दिन चर्चा में रहीं और विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार दबिश का दौर चलता रहा।

