
खपरगंज में बिजली गुल होने के बाद बवाल: “लाइन चालू किए बिना नहीं जाने देंगे”, सहायक यंत्री का आरोप- अंधेरे में ले जाकर मारपीट की कोशिश हुई
बिलासपुर। आंधी-तूफान के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने पहुंचे विद्युत विभाग के अमले के साथ कथित मारपीट, झूमाझपटी और दुर्व्यवहार का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। पांच दिन पहले खपरगंज में हुए घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को पूरा बिजली महकमा सड़कों पर उतर आया। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने सिटी कोतवाली पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात सहायक यंत्री और कर्मचारियों को भीड़ ने घेर लिया, वाहन रोक दिए, चालक से चाबी छीनने की कोशिश की गई, जबकि सहायक यंत्री के कपड़े पकड़कर उनके बाल खींचे गए और मारपीट का प्रयास किया गया।
मामले में शहनवाज मकवाना और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
आंधी-तूफान के बाद ठप हुई बिजली, रातभर जुटा रहा अमला
संघ की शिकायत के मुताबिक 28 मई की शाम आए तेज आंधी-तूफान से खपरगंज क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी। कबाड़ी लाइन की 11 केवी एबी केबल क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे कई इलाकों की बिजली बंद हो गई।
सूचना मिलते ही सहायक यंत्री देव सिंह कंवर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम में सहायक लाइनमैन राम सिंह कुर्रे, ठेकाकर्मी ईश्वर पात्रे, दूजराम, वाहन चालक जगन्नाथ राव और संजय खुसराम शामिल थे।
अमले ने क्षतिग्रस्त केबल को काटकर फीडर के एक हिस्से की बिजली बहाल कर दी, लेकिन पूरी लाइन सुधारने के लिए आवश्यक स्काई लिफ्ट तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद देर रात फिर सुधार कार्य शुरू किया गया।
तीन ट्रांसफार्मर बंद, बढ़ा लोगों का आक्रोश
29 मई की तड़के लाइन चार्ज करने का प्रयास किया गया, लेकिन केबल का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण तकनीकी समस्या बनी रही। इसके चलते 200 केवीए क्षमता के तीन ट्रांसफार्मर बंद हो गए और कई घरों में अंधेरा छाया रहा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों को तकनीकी स्थिति की जानकारी दी गई थी और बताया गया था कि सुबह क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थायी सुधार कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।
“लाइन चालू करो, नहीं तो कोई नहीं जाएगा”
शिकायत में सहायक यंत्री देव सिंह कंवर ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान शहनवाज मकवाना ने विरोध जताते हुए कहा कि लाइन चालू किए बिना टीम को नहीं जाने दिया जाएगा। आरोप है कि इसके बाद आसपास के लोगों को बुलाया गया और देखते ही देखते बड़ी भीड़ जमा हो गई।
विद्युत विभाग के अनुसार भीड़ ने पूरी टीम को चारों तरफ से घेर लिया और कर्मचारियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
वाहन चालक से हाथापाई, चाबी छीनने की कोशिश
घटनास्थल पर मौजूद विभागीय कर्मचारियों का आरोप है कि बर्फ डिपो के पास खड़ी स्काई लिफ्ट को कबाड़ी गली के अंदर ले जाने के लिए दबाव बनाया गया। चालक द्वारा असमर्थता जताने पर उसके साथ हाथापाई की गई और वाहन की चाबी छीनने का प्रयास किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि भीड़ के दबाव में विभागीय वाहनों को भी जबरन दूसरी दिशा में ले जाया गया।
सहायक यंत्री के बाल खींचने और कपड़े पकड़ने का आरोप
मामले का सबसे गंभीर आरोप सहायक यंत्री देव सिंह कंवर ने लगाया है। उनके अनुसार कुछ लोगों ने उनके दोनों हाथ और कपड़े पकड़ लिए। उनके साथ झूमाझपटी की गई और पीछे से कई बार बाल खींचे गए।
शिकायत में कहा गया है कि कुछ लोग उन्हें अंधेरे स्थान की ओर ले जाकर मारपीट करने की कोशिश भी कर रहे थे। इस दौरान पूरी टीम मौके पर मौजूद थी।
रिपोर्ट लिखाने पहुंचे, नहीं हुई सुनवाई
घटना के बाद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी सिटी कोतवाली पहुंचे। संघ का आरोप है कि तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद मामला अभियंता संघ तक पहुंचा और पूरे घटनाक्रम को लेकर संगठन में नाराजगी फैल गई।
थाने में शक्ति प्रदर्शन, पुलिस पर बढ़ा दबाव
मंगलवार को बड़ी संख्या में अभियंता और कर्मचारी सिटी कोतवाली पहुंचे। संघ ने थाने के बाहर और भीतर विरोध दर्ज कराते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। संगठन ने कहा कि यदि ड्यूटी पर तैनात इंजीनियर और कर्मचारियों की सुरक्षा नहीं होगी तो भविष्य में फील्ड में काम करना मुश्किल हो जाएगा।
सीएसपी के सामने रखी शिकायत
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी कोतवाली सीएसपी गगन कुमार से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में शहनवाज मकवाना एवं अन्य लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, कर्मचारियों को घेरने, अभद्र व्यवहार करने, गाली-गलौज, झूमाझपटी, हाथापाई और मारपीट के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं।
कार्रवाई की मांग
अभियंता संघ ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत शिकायत में घटना के दौरान मौजूद कर्मचारियों के नाम और पूरे घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा भी शामिल किया गया है।
घटना एक नजर में
- 28 मई को आंधी-तूफान के बाद खपरगंज की बिजली व्यवस्था बाधित हुई।
- 11 केवी एबी केबल क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों की सप्लाई प्रभावित रही।
- मरम्मत के लिए पहुंची टीम के साथ दुर्व्यवहार का आरोप।
- चालक से हाथापाई और वाहन की चाबी छीनने की कोशिश का दावा।
- सहायक यंत्री के बाल खींचने और कपड़े पकड़कर झूमाझपटी का आरोप।
- घटना के बाद एफआईआर दर्ज नहीं होने से अभियंता संघ नाराज।
- सिटी कोतवाली में शक्ति प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग।
- शिकायत सीएसपी के समक्ष प्रस्तुत की गई।

