किसान बोला– फर्जी दस्तावेज बनाकर 12 डिसमिल जमीन हथियाई, राजस्व अमले की भूमिका पर सवाल

बिलासपुर। न्यायधानी में जमीन कब्जे के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला बहतराई क्षेत्र का है, जहां एक बुजुर्ग किसान ने भू-माफियाओं और कॉलोनाइजर पर उसकी पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। मामला स्वर्णिम एरा कॉलोनी के पास का है, जहां करीब 75 साल से खेती की जा रही जमीन अब विवादों में आ गई है।
बहतराई निवासी किसान बजरंग साहू का कहना है कि वे पीढ़ियों से अपनी जमीन पर धान की खेती करते आ रहे हैं। अब उसी जमीन को एक कॉलोनाइजर द्वारा अवैध तरीके से कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। किसान के मुताबिक, कॉलोनाइजर और उसके सहयोगियों ने मिलीभगत कर करीब 12 डिसमिल जमीन पर कब्जा कर लिया है।
खेत के बीच बनाई बाउंड्री वॉल, किसान ने हटाई
पीड़ित किसान ने बताया कि आरोपियों ने खेत के बीच ही बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी थी, जिससे खेती बाधित हो रही थी। इसका विरोध करते हुए किसान ने बाउंड्री को हटा दिया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया।
फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज में हेरफेर का आरोप
किसान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी जमीन से जुड़े दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर कर हेरफेर किया गया है। इस खुलासे के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। किसान का आरोप है कि बिना राजस्व अमले की मिलीभगत के इस तरह की गड़बड़ी संभव नहीं है।
कलेक्टर से नहीं हो सकी मुलाकात, एसडीएम दफ्तर पहुंचे
न्याय की मांग को लेकर किसान और उसका परिवार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद वे अपनी शिकायत लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।


प्रदेशभर में बढ़ रहे ऐसे मामले
गौरतलब है कि प्रदेश में बुजुर्ग और गरीब किसानों की जमीन पर कब्जे के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। बहतराई का यह मामला भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि राजस्व विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या ठोस कार्रवाई करते हैं और पीड़ित किसान को न्याय मिल पाता है या नहीं।



