EWS फ्लैट नामांतरण के लिए 1 साल से भटक रहा युवक, 50 से ज्यादा बार काट चुका दफ्तर के चक्कर
बिलासपुर | तिफरा
सरकारी दफ्तरों की लापरवाही का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां नामांतरण की फाइल गुम होने से परेशान एक युवक ने अधिकारी को ‘बादाम’ भेंट कर दिया। युवक का कहना था कि शायद इससे उनकी याददाश्त तेज हो जाए और फाइल मिल सके।
मिली जानकारी के अनुसार, तरुण साहू ने करीब एक वर्ष पहले EWS श्रेणी का फ्लैट रिसेल में खरीदा था और उसकी विधिवत रजिस्ट्री करवाई थी। रजिस्ट्री के तुरंत बाद उन्होंने अभिलाषा परिसर, तिफरा स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में नामांतरण के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे।
1-2 महीने की प्रक्रिया बनी 1 साल की परेशानी
आमतौर पर नामांतरण की प्रक्रिया 1 से 2 महीने में पूरी हो जाती है, लेकिन तरुण के मामले में 7 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब उन्होंने कार्यालय जाकर जानकारी ली, तो संबंधित अधिकारी ने बताया कि नामांतरण हो चुका है, लेकिन फाइल नहीं मिल रही है।
इसके बाद से पिछले 6 महीनों में जब भी तरुण कार्यालय पहुंचे, हर बार उन्हें यही जवाब मिला कि फाइल खो गई है या मिल नहीं रही है।
50 से ज्यादा चक्कर, समय और पैसे की बर्बादी
तरुण साहू का कहना है कि वह अब तक 50 से अधिक बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। इस दौरान उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
आज अनोखा विरोध: ‘मैडम, बादाम खाइए, फाइल याद आ जाएगी’
लगातार मिल रही निराशा से परेशान होकर तरुण साहू ने बुधवार को अनोखा तरीका अपनाया। वे 500 ग्राम बादाम लेकर कार्यालय पहुंचे और संबंधित मैडम को देते हुए कहा कि इसे खाने से याददाश्त बढ़ती है, शायद इससे उन्हें याद आ जाए कि उनकी फाइल कहां रखी है।
व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां आम नागरिक छोटे-छोटे काम के लिए महीनों भटकने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी फाइल तक ढूंढ पाने में नाकाम नजर आ रहे हैं।
अब कार्रवाई की उम्मीद
तरुण साहू ने उम्मीद जताई है कि उनके इस अनोखे विरोध के बाद शायद विभाग जागे और उनकी समस्या का समाधान जल्द किया जाए।



