

बिलासपुर | शनिवार दोपहर
शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल सिम्स अस्पताल बिलासपुर में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे आग लगने की खबर से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल परिसर में अचानक हलचल बढ़ गई और मरीजों व परिजनों में डर का माहौल बन गया।
हालांकि कुछ देर बाद अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह वास्तविक आग नहीं, बल्कि मॉक ड्रिल (अग्निशमन अभ्यास) थी। प्रबंधन के अनुसार आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए यह अभ्यास किया गया था। आधा घंटे के भीतरक पर काबू पा लिया गया, आग बुझाने के दौरान एक सुरक्षाकर्मी का हाथ झुलस गया।
ट्रैफिक में फंसी फायर ब्रिगेड
ड्रिल के दौरान एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी सिम्स चौक के पहले ही ट्रैफिक जाम में फंस गई। काफी देर तक वाहन आगे नहीं बढ़ सका, जिससे आपात स्थिति में राहत कार्य की गति पर सवाल खड़े हो गए।
मौके पर नहीं दिखी यातायात पुलिस
सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि मौके पर यातायात पुलिस का एक भी जवान मौजूद नहीं था, जिसके कारण जाम की स्थिति और बिगड़ गई। अगर यह वास्तविक आगजनी की घटना होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
इस मॉक ड्रिल ने अस्पताल और शहर की आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी
आपातकालीन रिस्पॉन्स में देरी
समन्वय का अभाव
इन सभी बिंदुओं ने यह साफ कर दिया कि कागजों में तैयारियां भले पूरी हों, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी कमजोर है।
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