Latest news

खेतों से खाकी तक…किसान की बेटी बनी सब-इंस्पेक्टर, गांव ने फूलों से किया स्वागत

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के छोटे से गांव बरदुला की बड़ी कहानी
बिलासपुर।
4 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम बरदुला से एक प्रेरणादायक और गर्व से भर देने वाली खबर सामने आई है, जहां खेती-किसानी करने वाले एक साधारण परिवार की बेटी ने पुलिस विभाग में उप निरीक्षक बनकर पूरे गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।


ग्राम बरदुला निवासी श्रीमती रोहिणी सूरज चंद्रा, जिनका मुख्य व्यवसाय खेती है, उनकी बड़ी बेटी श्रीमती कविता (दिव्या) चंद्रा का वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के पद पर चयन हुआ था। एक वर्ष की कठिन पुलिस प्रशिक्षण अवधि पूर्ण करने के बाद दिनांक 30 मार्च 2026 को माननीय मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उन्हें औपचारिक रूप से प्रशिक्षित घोषित किया गया।
किराए के मकान में रहकर की पढ़ाई, पहले ही प्रयास में सफलता
चंद्रा विकास समिति बिलासपुर के महासचिव जीआर चंद्रा ने बताया कि कविता चंद्रा एक मध्यमवर्गीय कृषक परिवार से आती हैं। उनके पिता, जो मूल रूप से किसान हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने तीनों बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए गांव से बाहर बिलासपुर में किराए का मकान लेकर पढ़ाई का माहौल तैयार किया।
एक भाई और दो बहनों में सबसे बड़ी कविता चंद्रा ने ग्रामीण शिक्षा प्राप्त करने के बाद लगातार मेहनत की और पुलिस विभाग द्वारा जारी उप निरीक्षक भर्ती में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली।
परिवार को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय कविता चंद्रा ने अपने माता-पिता, पति और पूरे परिवार को दिया। उन्होंने सभी के सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
गांव पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत, फूलों से लदी बेटी बनी गर्व का प्रतीक
पुलिस प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जैसे ही कविता चंद्रा पहली बार अपने गांव बरदुला पहुंचीं, पूरे गांव में उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों और परिजनों ने उनका फूलों की मालाओं और प्रतीक चिन्ह देकर भव्य स्वागत किया।
गांववासियों ने उन्हें अपने गांव और परिवार का गौरव बताते हुए सम्मानित किया और इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बताया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस स्वागत एवं सम्मान समारोह में गांव के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इनमें होरीलाल, गणेश राम, देवेंद्र कुमार, प्रकाश, विकास, सूरज कुमार, शरद कुमार, विजय कुमार, राधेश्याम, घासिया राम, नावा गोटिया, रामनारायण, रमेश, सौरभ कुमार, अंशु चंद्रा सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
महिलाओं में रोहिणी, गंगा, रंभा, बहरतीन, उत्तरी, कल्याणी, डॉक्टर किरण, इंद्रिका, हेमलता, पुष्पा, अंबिका, कमलेश्वरी, अंजलि समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं, जिन्होंने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताया।
यह जानकारी जीआर चंद्रा
महासचिव
चंद्रा विकास समिति बिलासपुर ने दी।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।