Latest news

बिलासपुर में “शंकराचार्य का सियासी विस्फोट… योगी असली हिंदू नहीं, ‘हिस्ट्रीशीटरों से दबाई जा रही आवाज, सनातन को अंदर से खतरा’”

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

गौ रक्षा, यूपी राजनीति और UGC कानून पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के तीखे प्रहार, सीएम योगी आदित्यनाथ को भी घेरा
बिलासपुर।
देश की धार्मिक और राजनीतिक बहस के केंद्र में एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सत्तारूढ़ दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि “शंकराचार्य की आवाज दबाने के लिए हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।” उनका यह बयान न केवल धार्मिक बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल मचाने वाला है।


“गौ रक्षा पर सरकारें गंभीर नहीं”
शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि वे लगातार गौ रक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टियां इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गौ रक्षा जैसे संवेदनशील विषय को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।


“हिस्ट्रीशीटरों के जरिए दबाई जा रही आवाज”
उन्होंने कहा कि लंबे समय से अपने दायित्व का निर्वहन करने के बाद अब उनकी आवाज को सुनियोजित तरीके से दबाने की कोशिश हो रही है।
“हिस्ट्रीशीटरों का उपयोग कर शंकराचार्य की आवाज बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।”
“सनातन को बाहरी नहीं, अंदरूनी खतरा”
शंकराचार्य ने सनातन धर्म को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा—
“सनातन खतरे में है, लेकिन किसी और से नहीं, बल्कि सनातन में ही घुल-मिल रहे कालनेमियों से है।”
यह बयान धार्मिक संगठनों और समाज के भीतर चल रही वैचारिक बहस को और तेज कर सकता है।
यूपी सरकार पर सीधा हमला
उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत सिर्फ वोट लेने की है, हिंदुओं के हित में काम करने की नहीं।
UGC कानून को बताया “राष्ट्रद्रोह”
सवर्ण यूजीसी कानून पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा—
“यह कानून हिंदुओं को बांटने वाला है, यह राष्ट्रद्रोह है और इसका किसी भी हालत में क्रियान्वयन नहीं होना चाहिए।”
योगी आदित्यनाथ पर विवादित टिप्पणी
शंकराचार्य ने योगी आदित्यनाथ को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा—
“हमने उन्हें 40 दिन का समय दिया था, वे खुद को साबित नहीं कर पाए। इससे प्रमाणित हो गया कि वे असली हिंदू नहीं हैं।”


राजनीतिक और धार्मिक असर
शंकराचार्य के इन बयानों से साफ है कि आने वाले समय में धर्म और राजनीति के बीच टकराव और तेज हो सकता है। खासकर गौ रक्षा, सनातन और आरक्षण/शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर बहस को नई दिशा दे सकता है।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।