रायपुर/बिलासपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर छत्तीसगढ़ में शिक्षक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों ने परीक्षा का विरोध करते हुए इसे शिक्षकीय सेवा पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया है। इसी मुद्दे को लेकर अब शिक्षक संगठन दिल्ली कूच की तैयारी में जुट गए हैं।

रायपुर में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में शांति नगर स्थित अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन कार्यालय में 15 मार्च 2026 को महाबैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी संगठनों के अध्यक्षों ने एक स्वर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को खारिज करते हुए इसका विरोध दर्ज कराया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि TET परीक्षा लागू किए जाने से शिक्षकीय सेवा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे लेकर प्रदेश के अलग-अलग शिक्षक संगठन लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं और आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। इसी क्रम में अब दिल्ली में अपनी बात रखने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में आंदोलन को संगठित और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां भी तय की गईं। बिलासपुर जिले में अभियान को सक्रिय रूप से संचालित करने के लिए प्रदेश सलाहकार रंजीत बनर्जी, प्रदेश प्रवक्ता चन्द्र प्रकाश तिवारी, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी वीरेन्द्र यादव और जिला अध्यक्ष सुनील पांडेय को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बताया गया कि बिलासपुर जिला मुख्यालय में शिक्षक संगठनों की सक्रियता बढ़ाते हुए व्यापक अभियान चलाया जाएगा, ताकि प्रदेश के शिक्षकों को एकजुट कर इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जा सके।
प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी वीरेन्द्र यादव ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षक संगठनों का विरोध लगातार जारी रहेगा और आगामी समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



