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बहन को नशे के झूठे केस में फंसाने की शिकायत लेकर कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे परिजन

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर।
सरकंडा थाना क्षेत्र के बंधवापारा की एक महिला को नशे के झूठे मामले में फंसाने और पुलिसकर्मी द्वारा दो लाख रुपये मांगने के आरोप को लेकर पीड़ित पक्ष ने एक बार फिर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रानी सिंह के भाई शिवराज सिंह ने एसपी और आईजी के बाद मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।


शिवराज सिंह ने आवेदन में बताया कि उनकी बहन रानी सिंह और उनके बहनोई रामकिशोर सिंह, जो मेडिकल स्टोर का संचालन करते हैं, पारिवारिक विवाद के कारण अलग-अलग रहते हैं। उनका आरोप है कि इसी पारिवारिक विवाद के चलते बहनोई ने पुलिस से साठगांठ कर उनकी बहन को झूठे मामले में फंसाया है।


आवेदन के मुताबिक 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन सरकंडा पुलिस बंधवापारा स्थित रानी सिंह के घर पहुंची थी। शिवराज सिंह का कहना है कि पुलिस सीधे घर की छत की ओर जाने लगी, तभी उनकी बहन ने पुलिस को बताया कि सामान सीढ़ी के नीचे रखा हुआ है और दवाइयों से भरा बैग पुलिस को सौंप दिया।
इसके बाद पुलिस उनकी बहन रानी सिंह और उनके नाबालिग बेटे को सरकंडा थाने ले गई। आरोप है कि नाबालिग बेटे को दिनभर थाने में बैठाने के बाद छोड़ दिया गया, जबकि रानी सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
शिवराज सिंह का कहना है कि घटना को 24 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक मामले में चालान भी पेश नहीं किया गया है। उन्होंने सरकंडा थाने में पदस्थ शैलेन्द्र सिंह नामक पुलिस कर्मी पर दो लाख रुपये की मांग करने का गंभीर आरोप भी लगाया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पीड़ित पक्ष का आवेदन प्राप्त कर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही शिकायत की प्रति आगे की कार्रवाई के लिए एसएसपी रजनेश सिंह को भेजी गई है।

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