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दुर्ग में 10 एकड़ अफीम की खेती का खुलासा: कांग्रेस का भाजपा पर सीधा हमला, कहा—सत्ता संरक्षण में चल रहा नशे का साम्राज्य

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
8 Min Read


Bilaspur बिलासपुर।
दुर्ग जिले के समोदा गांव में फार्म हाउस के भीतर करीब 10 एकड़ में अफीम की अवैध खेती के कथित खुलासे ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि यह खेती भाजपा से जुड़े नेता विनायक ताम्रकार द्वारा करवाई जा रही थी। कांग्रेस नेताओं ने इसे सत्ता संरक्षण में चल रहे नशे के कारोबार का उदाहरण बताते हुए प्रदेश सरकार और गृह मंत्री पर तीखा हमला बोला।
फार्म हाउस में 10 एकड़ में अफीम की खेती का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दुर्ग जिले के समोदा गांव में एक फार्म हाउस के अंदर लगभग 10 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। उनका दावा है कि यह खेती भाजपा नेता विनायक ताम्रकार द्वारा करवाई जा रही थी।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि विनायक ताम्रकार दुर्ग जिले में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में भाजपा के राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वह भाजपा के स्थापित नेता हैं और पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है।
केंद्रीय और प्रदेश नेताओं के साथ तस्वीरों का दावा


कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विनायक ताम्रकार की तस्वीरें कई केंद्रीय और प्रदेश स्तरीय भाजपा नेताओं के साथ सोशल मीडिया में उपलब्ध हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह, तोखन साहू, प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल और भाजपा के राष्ट्रीय नेता अजय जामवाल तथा शिवप्रकाश सहित अन्य नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें होने का दावा किया गया।


“बिना सत्ता संरक्षण अफीम की खेती संभव नहीं”
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिना सरकार के संरक्षण के कोई भी व्यक्ति खुलेआम इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती नहीं कर सकता। उनका आरोप था कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में जुआ, सट्टा, शराब तस्करी और नशे के कारोबार में तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग नशे के कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं और इसी कारण प्रदेश में अवैध गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश के गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उनका कहना था कि यदि प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर अवैध नशे की खेती सामने आती है तो इसकी जवाबदेही सरकार को लेनी चाहिए।


“नशे के मामले में छत्तीसगढ़ आगे”
पत्रकार वार्ता में कहा गया कि भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ नशे के मामलों में पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ चुका है। उनका आरोप था कि शहरों के बाहरी इलाकों में चलने वाले कैफे युवाओं को नशा उपलब्ध कराने के केंद्र बन चुके हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पुलिस इसे रोकने के बजाय सहयोगी की भूमिका में दिखाई दे रही है।
कांग्रेस शासनकाल का हवाला
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान वर्षों से चल रहे हुक्का बार बंद कराए गए थे और राज्य में सूखे नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए कार्रवाई की गई थी। उनके अनुसार भाजपा सरकार बनने के बाद एक बार फिर प्रदेश में नशे का कारोबार सक्रिय हो गया है।
युवाओं में नशे की लत बढ़ने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार नशे के कारोबार पर रोक लगाने में विफल साबित हो रही है। पूरे प्रदेश में युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं और सरकार तथा पुलिस की मिलीभगत के कारण यह स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में शराब, गांजा, अफीम और हेरोइन जैसे नशों के कारण युवाओं में नशे की लत महामारी का रूप ले चुकी है।
“ड्रग्स राजधानी में खुलेआम बिक रहे”
पत्रकार वार्ता में कहा गया कि बिना सत्ता के संरक्षण के राजधानी सहित प्रदेश में ड्रग्स खुलेआम नहीं बिक सकते। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार को सत्ता में आए दो साल हो चुके हैं, ऐसे में इसके पीछे कौन सत्ताधीश हैं, इसका खुलासा होना चाहिए।
अवैध नशे के कारोबार के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार को संरक्षण मिल रहा है। नशीली दवाइयां, प्रतिबंधित गोलियां और सूखा नशा गली-मोहल्लों तक पहुंच चुका है और नाबालिग बच्चों तक इसकी पहुंच होने का आरोप लगाया गया।
13 महीनों में 2599 नारकोटिक्स प्रकरण दर्ज होने का दावा
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पिछले 13 महीनों के दौरान प्रदेश में 2599 नारकोटिक्स के प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें से कई मामले सोशल मीडिया के माध्यम से उजागर हुए। उनका कहना था कि सरकार का इंटेलिजेंस तंत्र और प्रशासन इस मामले में मौन बना हुआ है और कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है।
नाबालिगों में नशे की गिरफ्त का आरोप
पत्रकार वार्ता में कहा गया कि 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के लाखों नाबालिग बच्चे सूखे नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं और नशे से जुड़ी घटनाओं में सैकड़ों मौतें होने का दावा किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इसके बावजूद सरकार गंभीर कदम उठाती दिखाई नहीं दे रही है।
राष्ट्रीय स्तर के ड्रग नेटवर्क का उल्लेख
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि गुजरात का मुंद्रा पोर्ट देश में अवैध ड्रग कारोबार का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते ड्रग्स देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहा है। उनका कहना था कि इस मामले में भी कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
“अफीम की खेती तक पहुंच गए भाजपाई”
पत्रकार वार्ता में कहा गया कि प्रदेश में अवैध नशे के तस्करों, कोचिंग और बिचौलियों को संरक्षण देने के आरोपों के बीच अब अफीम की खेती तक मामला पहुंच गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कमल खिलाने का दावा करने वाले भाजपाई अब अफीम के पौधे उगाने लगे हैं।
ड्रग पेडलरों पर कार्रवाई को लेकर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ड्रग पेडलरों पर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने नव्या मलिक और कथित फर्जी आईबी अधिकारी से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कई ड्रग पेडलरों के नाम उजागर नहीं कर रही है और विधानसभा में पूछे गए सवालों पर भी जवाब नहीं दिया गया।
“छत्तीसगढ़ में नशाखोरी का अमृतकाल”
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है और अवैध नशे की खेती तक के मामले सामने आ रहे हैं। उनका कहना था कि प्रदेश को नशे की गर्त में धकेले जाने का षड्यंत्र सत्ता के संरक्षण में चल रहा है।

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