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बिलासपुर के जंगलों में लकड़ी तस्करों का नेटवर्क सक्रिय… पेड़ कटने के बाद ही पहुंचता है वन अमला

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर वन मंडल में अवैध लकड़ी कटाई के मामलों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगलों में सागौन, साल और अन्य बहुमूल्य प्रजातियों के पेड़ों की लगातार कटाई हो रही है, लेकिन कार्रवाई अक्सर तब होती है जब तस्कर पेड़ों को काटकर लकड़ी तैयार कर चुके होते हैं या मौके से फरार हो चुके होते हैं।
हाल के दिनों में गोबरी पाट, कोटा परिक्षेत्र और सीपत क्षेत्र में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों ने यह संकेत दिया है कि जिले के जंगलों में लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद हैं और निगरानी व्यवस्था कई जगह कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।

सभी फोटो प्रतीकात्मक और फाइल


केस–1: गोबरी पाट में छापा, घर से 1.75 लाख की अवैध लकड़ी बरामद
बिलासपुर के गोबरी पाट गांव में वन विभाग की टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद की। कार्रवाई में साल, नीलगिरी और अन्य मिश्रित प्रजातियों की लकड़ियां जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 1,75,427 रुपए आंकी गई।
वनमंडलाधिकारी नवीन कुमार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गांव के शत्रुघन बंजारे के घर में बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी जमा कर रखी गई है। इसके बाद डीएफओ के निर्देश पर एसडीओ, रेंजर और मैदानी अमले की टीम मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान बरामद सामग्री
सागौन बल्ली – 27 नग
साल बल्ली – 2 नग
नीलगिरी बल्ली – 19 नग
अन्य मिश्रित प्रजाति – 4 नग
चिरान – 193 नग
80 चट्टा
9 लक्खा आरा
कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी देव सिंह मरावी, सहायक अधिकारी शिव पैकरा, नरेंद्र सिंह बैसवाड़े, प्रमोद मिश्रा, सूरज मिश्रा, बीएफओ सोम प्रकाश जयसिन्धु, संत कुमार वाकरे, नवीन सिंह बंजारा और वाहन चालक राजनारायण यादव शामिल रहे।
वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लकड़ी जब्त कर ली।
केस–2: कोटा परिक्षेत्र में रात की दबिश, दो पिकअप और सागौन के लट्ठे जब्त
रायपुर, 2 मार्च 2026। बिलासपुर जिले के कोटा परिक्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने अवैध कटाई कर ले जाए जा रहे सागौन के लट्ठों के साथ दो पिकअप वाहन जब्त किए
सूचना मिलने पर टीम ने सेमरिया–दानोखार मार्ग, कक्ष क्रमांक P/805 में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान वन अपराधी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
जब्त सामग्री
प्रकरण क्रमांक 78/49 (02.03.2026)
पिकअप वाहन CG 13 L 2428 – अनुमानित कीमत ₹3 लाख
10 नग सागौन लट्ठा (0.762 घनमीटर)
प्रकरण क्रमांक 78/48 (02.03.2026)
पिकअप वाहन CG 10 AY 9034 – अनुमानित कीमत ₹5 लाख
2 नग सागौन लट्ठा (0.107 घनमीटर)
जब्त वनोपज का अनुमानित मूल्य करीब ₹40 हजार आंका गया।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह, मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा और उपमंडल प्रबंधक आशुतोष सिंह के मार्गदर्शन में हुई। अभियान का संचालन परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी विवेक देवांगन और रवि कुमार जगत ने किया।
छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक प्रेम कुमार ने कार्रवाई पर टीम को बधाई देते हुए वन क्षेत्रों में इसी प्रकार सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
केस–3: जेवरा जंगल में पुलिस की रेड, 16 सागौन लट्ठे और पिकअप जब्त
26 फरवरी 2026 की रात सीपत पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम जेवरा जंगल में कुछ लोग सागौन के पेड़ों को काटकर पिकअप में भर रहे हैं और जांजगीर की ओर ले जाने की तैयारी में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर रेड की और CG-11 AB-0612 क्रमांक की पिकअप वाहन को रोका। तलाशी लेने पर वाहन से 16 नग सागौन लट्ठे बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपी
रामचंद कुर्रे (41) – बिरगहनी, थाना बलौदा
संतोष कुमार (50) – बिरगहनी, थाना बलौदा
जय सिंह ओगरे (62) – ठरगा बहरा, थाना बलौदा
लिल्लू राम पटेल (56) – महुदा, थाना बलौदा
रघुवीर सिंह मरावी (40) – महुदा, थाना बलौदा
जब्त संपत्ति
16 नग सागौन लट्ठा – कीमत ₹65,827
डीजल आरा मशीन मय ब्लेड – कीमत ₹6,000
पिकअप वाहन CG-11 AB-0612 – कीमत ₹1,50,000
कुल जब्ती मूल्य – ₹2,21,827
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
जिले में बढ़ते मामले और सुलगते सवाल
बिलासपुर जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में अवैध कटाई की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई मामलों में कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में पुलिस की सूचना के बाद ही कार्रवाई संभव हो पाती है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कई इलाकों में लंबे समय से अवैध कटाई की शिकायतें मिलती रही हैं। सागौन और अन्य बहुमूल्य प्रजातियों के पेड़ों को काटकर रात के समय वाहन के जरिए दूसरे जिलों तक ले जाने की कोशिशें भी सामने आई हैं।
हाल के मामलों में गोबरी पाट में घर से लकड़ी बरामद होना, कोटा परिक्षेत्र में वाहन छोड़कर तस्करों का भाग जाना और जेवरा जंगल में पुलिस की रेड में तस्करों की गिरफ्तारी—इन घटनाओं ने जिले के जंगलों में सक्रिय लकड़ी तस्करी नेटवर्क की मौजूदगी को फिर चर्चा में ला दिया है।

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