


पहाड़बछाली की टीम को मिला सम्मान, अवैध शराब पर पूर्ण रोक का मॉडल बना मिसाल; ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा और साइबर ठगी से बचाव की शपथ
बिलासपुर/कोटा (बेलगहना)। नशे और अवैध शराब के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए तीन महिला अफसरों ने ग्राम कुरूवार की चौपाल से साफ कहा—“नशा सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और पीढ़ी को बर्बाद करता है। अब गांव खुद पहरेदार बने।” पुलिस के चेतना अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में नशामुक्ति, साइबर जागरूकता और सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक संवाद हुआ। पहाड़बछाली की महिला कमांडो टीम को पूर्ण शराबबंदी लागू कराने के लिए सम्मानित किया गया, जबकि कुरूवार में नई महिला कमांडो टीम का गठन कर गांव स्तर पर निगरानी की कमान महिलाओं को सौंपी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी, गांव-गांव तक संदेश
कार्यक्रम 25 फरवरी 2026 को चौकी बेलगहना (थाना कोटा) द्वारा ग्राम पंचायत कुरूवार के सहयोग से आयोजित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में चल रहे चेतना अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती माधुलिका सिंह (रा.पु.से.), प्रशिक्षु आईपीएस श्रीमती अंशिका जैन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती नुपूर उपाध्याय (रा.पु.से.) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
तीनों महिला अधिकारियों ने मंच से नशे के दुष्प्रभाव, नशे में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं, और साइबर ठगों के नए-नए हथकंडों पर विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि ओटीपी, लिंक और फर्जी कॉल के जरिए ठगी के मामलों में तेजी आई है—ऐसे में सतर्कता ही सुरक्षा है।
“गुड टच-बैड टच” से लेकर ड्रंक ड्राइविंग तक पर खुलकर संवाद
स्कूली छात्रा-छात्राओं के लिए अलग सत्र में “गुड टच-बैड टच” पर समझाइश दी गई। नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाले दुष्प्रभाव और कानूनी कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं, जीवन रक्षा का संकल्प है।
पहाड़बछाली बना मॉडल: पूर्ण अवैध शराब मुक्त गांव
बेलगहना क्षेत्र के ग्राम पहाड़बछाली में कुछ माह पूर्व गठित महिला कमांडो टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से अवैध शराब पर पूर्ण रोक लगाई है। इसी उपलब्धि पर टीम को वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मानित किया। इसे सामाजिक जागरूकता और पुलिस-जन सहयोग का सफल मॉडल बताया गया।
कुरूवार में महिला कमांडो टीम का गठन
कुरूवार में भी महिला कमांडो टीम का गठन किया गया। अधिकारियों ने अवैध शराब को “व्यापक सामाजिक बुराई” बताते हुए पुलिस के साथ मिलकर पूर्ण पाबंदी लागू करने का आह्वान किया। गांव स्तर पर निगरानी, सूचना साझा करने और सामूहिक जिम्मेदारी की रूपरेखा समझाई गई।
सड़क सुरक्षा शपथ, लाइसेंस शिविर का आश्वासन
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों की मांग पर अधिकारियों ने जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में ड्राइविंग लाइसेंस शिविर लगाने का आश्वासन दिया।
जनप्रतिनिधियों और पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में ग्राम कुरूवार की सरपंच श्रीमती ललिता पोर्ते, रविकुमार, उपसरपंच, पंचगण; ग्राम पहाड़बछाली की सरपंच सुषमा सुनील करसायल, लाला निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, छात्र-छात्राएं और आसपास के कोटवार उपस्थित रहे।
चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हेमंत सिंह, सउनि मोतीलाल सूर्यवंशी, आरक्षक प्रदीप जायसवाल, ईश्वर नेताम, धीरज जायसवाल की भूमिका सराहनीय रही। चौकी प्रभारी ने आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
अन्य गांवों से भी मांग
कार्यक्रम के सकारात्मक असर के बाद आसपास के गांवों के सरपंच और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने गांव में भी ऐसे ही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने की मांग रखी। चेतना अभियान के इस आयोजन से ग्रामीणों में उत्साह और भरोसे का माहौल देखने को मिला।



