बिलासपुर। एस्टीन फाइल प्रकरण, किसान विरोधी डील के आरोप और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते सियासी टकराव के बीच बिलासपुर की राजनीति में नया उबाल आ गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की युवा इकाई ने 26 फरवरी को भाजपा कार्यालय के सामने पुतला दहन की घोषणा कर दी है। इसे लेकर शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
जिला युवा कांग्रेस के बैनर तले जारी आवश्यक निर्देश में बताया गया है कि प्रदेश प्रभारी अमित पटनीया, सहप्रभारी डॉ. मोनिका मंडरे और प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य एस्टीन फाइल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आने, कथित किसान विरोधी डील और लोकतांत्रिक विरोध को राष्ट्रविरोध बताने के विरोध में प्रदर्शन करना है।
26 फरवरी, दोपहर 1 बजे होगा घेराव
युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि 26 फरवरी को दोपहर 1 बजे पुराने बस स्टैंड स्थित सूर्या होटल के पास एकत्रित होकर भाजपा कार्यालय की ओर कूच किया जाएगा। वहीं भाजपा कार्यालय के सामने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ पुतला दहन किया जाएगा।
यह पूरा कार्यक्रम बिलासपुर जिला भाजपा कार्यालय के सामने आयोजित होगा। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रaju यादव द्वारा जारी सूचना में सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है।
उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर भी नाराजगी
युवा कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को भी आंदोलन का प्रमुख कारण बताया है। संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
युवा कांग्रेस का कहना है कि विरोध दर्ज कराना लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन भाजपा सरकार उसे राष्ट्रविरोध करार देकर कार्रवाई कर रही है। इसी के विरोध में यह पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
भाजपा पर तीखा हमला
युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि किसानों से जुड़े समझौतों और नीतियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। संगठन का दावा है कि एस्टीन फाइल प्रकरण में सामने आई जानकारी गंभीर सवाल खड़े करती है।
संगठन ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक विरोध को राष्ट्रविरोध बताना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इसलिए 26 फरवरी का प्रदर्शन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का प्रतीक होगा।
सियासी टकराव की आहट
भाजपा कार्यालय के सामने पुतला दहन की घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन की नजर भी इस कार्यक्रम पर है। हालांकि युवा कांग्रेस ने इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध बताया है।
अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने नोट जारी कर सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति अनिवार्य की है। संगठन का दावा है कि बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल होंगे और भाजपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे।
बिलासपुर की सियासत में 26 फरवरी का दिन अहम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस पुतला दहन कार्यक्रम का राजनीतिक असर कितना व्यापक होता है और प्रशासनिक स्तर पर क्या तैयारियां की जाती हैं।

