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राजधानी पर मेहरबानी, बिलासपुर फिर इंतज़ार में, 506.5 करोड़ रायपुर को, बिलासपुर को टुकड़ों में प्रावधान – क्या जनप्रतिनिधि शहर का हक नहीं दिला पाए?

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मोहम्मद इसराइल | रायपुर–बिलासपुर
1.72 लाख करोड़ के बजट में राजधानी रायपुर को 506.5 करोड़ की सीधी सौगात। स्वास्थ्य, फ्लाईओवर, अंडरग्राउंड केबलिंग, साइबर तहसील, जीएसटी कॉल सेंटर, एयरपोर्ट अपग्रेड—हर मोर्चे पर बड़ा निवेश।
लेकिन प्रदेश के दूसरे सबसे अहम शहर बिलासपुर को क्या मिला? कुछ सड़कों के टेंडर, एक फ्लाईओवर की शुरुआती किश्त और साझा एयरपोर्ट फंड। सवाल अब खुलकर उठ रहा है—क्या बिलासपुर की उपेक्षा स्थायी नीति बनती जा रही है?


रायपुर: बजट का ‘ब्लू-आई बॉय’
506.5 करोड़ का पैकेज – सेक्टर दर सेक्टर
स्वास्थ्य
कालीबाड़ी में 200 बिस्तर का मातृ-शिशु अस्पताल
मेकाहारा में एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट विस्तार
होमियोपैथी कॉलेज की स्थापना
ट्रैफिक और अधोसंरचना
5 बड़े फ्लाईओवर, 13 ब्रिज
तात्यापारा–शारदा चौक फ्लाईओवर (137 करोड़ अनुमानित)
100 करोड़ से अंडरग्राउंड बिजली केबल
नवा रायपुर में डिजिटल व स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर
मेगा परीक्षा केंद्र, कन्वेंशन सेंटर, समाज भवन
प्रशासनिक और राजस्व सुधार
राज्य की पहली पूर्ण ऑनलाइन साइबर तहसील
पहला जीएसटी कॉल सेंटर
200 सीटर ओबीसी छात्रावास
5 कॉलेज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (15 करोड़)
6 जिलों में सीजीआईटी (38 करोड़), 36 इंक सीजी व एसटीपीआई सेंटर (35 करोड़)
दो नए थाने (सरोना, जरवाय), तेलीबांधा हाईटेक
टैगोर नगर में सीन ऑफ क्राइम यूनिट (3.5 करोड़)
विमानन
एयरस्ट्रिप उन्नयन व घरेलू उड़ानों के विस्तार के लिए 80 करोड़
रायपुर–जगदलपुर उड़ान दोबारा शुरू
राजधानी के लिए बजट का रोडमैप स्पष्ट, बहुआयामी और दीर्घकालिक है।


बिलासपुर: बड़े वादे, छोटे प्रावधान
फ्लाईओवर: 350 करोड़ का सपना, 15 करोड़ की शुरुआत
राजीव गांधी चौक से सीपत चौक तक 3600 मीटर फ्लाईओवर—अनुमानित लागत 350 करोड़। लेकिन बजट में सिर्फ 15 करोड़। क्या यह सिर्फ औपचारिकता है?
सड़क और अंडरब्रिज
उसलापुर गीता पैलेस–अमेरी अंडरब्रिज: 4 करोड़
मेलनाडीह–मस्तूरी सड़क: 30 करोड़
चकरभाठा–धमनी मार्ग: 2 करोड़
एयरपोर्ट
बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर—तीनों के लिए संयुक्त 80 करोड़। स्पष्ट नहीं कि बिलासपुर को कितना मिलेगा।
शिक्षा और अन्य
सीजीआईटी स्थापना का ऐलान
कैंसर संस्थान के लिए सेटअप
रतनपुर को शक्तिपीठ सर्किट में शामिल
खेल अकादमी सुदृढ़ीकरण
जहां निराशा गहरी है
कोई बड़ा औद्योगिक पार्क या विशेष आर्थिक क्षेत्र नहीं
मेट्रो रेल परियोजना से बाहर
सिंचाई आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस नहीं
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेहद सीमित आवंटन
जबकि बिलासपुर न्यायधानी, औद्योगिक हब और शिक्षा केंद्र के रूप में जाना जाता है, बजट में उसकी स्थिति गौण दिखी।
कड़ा सवाल: क्या बिलासपुर के जनप्रतिनिधि कमजोर पड़े?
राजधानी को 506.5 करोड़ और बिलासपुर को लगभग 100 करोड़ के आसपास सीमित प्रावधान—यह अंतर सिर्फ आंकड़ा नहीं, प्राथमिकता का संकेत है।
क्या बिलासपुर की आवाज विधानसभा में उतनी मुखर नहीं रही?
क्या विकास की दौड़ में दूसरा सबसे बड़ा शहर पिछड़ता जा रहा है?
क्या जनता को फिर अगले बजट का इंतजार करना होगा?
बिलासपुर को अपना हक चाहिए
बिलासपुर अब प्रतीकात्मक घोषणाओं से आगे ठोस निवेश चाहता है।
फ्लाईओवर की पहली किश्त नहीं, पूरा प्रोजेक्ट चाहिए।
साझा फंड नहीं, स्पष्ट और पर्याप्त आवंटन चाहिए।
राजधानी चमक रही है—पर सवाल यह है कि बिलासपुर का विकास आखिर रफ्तार कब पकड़ेगा?

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