00 खुद को बताता था बिल्हा का दिग्गज नेता का करीबी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तिफरा क्षेत्र में रहने वाले कोयला कारोबारी नरेंद्र कौशिक ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। नरेंद्र लंबे समय से वह कर्ज और विश्वासघात के कारण मानसिक तनाव में थे और अपने सुसाइड नोट में चार लोगों का नाम भी लिखा है। बताया जा रहा है कि व्यापार में धोखाधड़ी और भारी कर्ज के कारण वह परेशान चल रहे थे।
नरेंद्र कौशिक खुद को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक का करीबी बताता था। वह कोयला व्यापार से जुड़े थे और इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर कारोबार करते थे। सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र ने कुछ कोयला व्यापारियों और अन्य लोगों के खिलाफ लेनदेन से जुड़ी धोखाधड़ी की शिकायत सरगांव थाना, मुंगेली एसपी, और आईजी तक पहुंचाई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और डीजीपी से भी न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।
बताया जा रहा है कि कोयला व्यापार में करीब 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी के कारण वह आर्थिक संकट में फंस गए थे। धोखाधड़ी करने वालों ने उनके कोयले और लोडर को बेचकर पैसे हड़प लिए थे। इसके चलते उनका कर्ज बढ़ गया और वह लगातार मानसिक दबाव में थे।सरगांव में अपनी गाड़ी में बैठकर उन्होंने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी मौत हो गई।सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से पहले नरेंद्र ने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें कुछ लोगों के नाम दर्ज हैं। पुलिस इस नोट को आधार बनाकर मामले की जांच में जुट गई है।फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। इस मामले ने कोयला व्यापार जगत में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



