बिलासपुर। अरपा अर्पण महाअभियान “जन आंदोलन” के तहत एक नई पहल “मनसयुक्ति” की शुरुआत की जा रही है। इस समग्र स्वास्थ्य सेवा अभियान में रिहेबिलिटेशन, मेडिटेशन, योग और प्रशामक सेवा (लाइलाज बीमारी के अंतिम चरण के मरीजों की देखभाल) जैसी सुविधाएं आमजन को उपलब्ध कराई जाएंगी।
अभियान के प्रथम चरण में संस्थापक डॉ. सुजाता पाण्डेय ने बिलासपुर के जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, जिले के सभी स्कूलों के प्राचार्यों और गणमान्य नागरिकों के समक्ष आत्महत्या रोकथाम विषय पर कार्यशाला आयोजित की।


कलेक्टर की पहल पर हुई “मनसचेतना” कार्यशाला
जानकारी के अनुसार, जब जिला प्रशासन को “मनसयुक्ति” के उद्देश्यों और कार्यों से अवगत कराया गया, तो कलेक्टर ने पहल की सराहना करते हुए स्वयं “मनसचेतना” कार्यशाला आयोजित कराने की पहल की।
कार्यशाला में आत्महत्या से जुड़ी भ्रांतियों, सामाजिक भेदभाव और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि व्यवहारिक संकेतों की समय रहते पहचान कर आत्महत्या और सेल्फ हार्म की घटनाओं को रोका जा सकता है।
NCRB के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
कार्यशाला में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, National Crime Records Bureau (NCRB) के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्रति एक लाख की आबादी पर 26 लोग आत्महत्या कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 11 प्रति लाख है। इन आंकड़ों को चिंताजनक बताते हुए प्रदेश में सक्रिय रोकथाम प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
WHO की “Live Life” रणनीति पर जोर
आत्महत्या रोकथाम के लिए World Health Organization (WHO) द्वारा सुझाई गई “Live Life” रणनीति की भी जानकारी दी गई—
L – Limit the access: कीटनाशक दवाओं जैसे आत्महत्या के साधनों की उपलब्धता पर नियंत्रण।
I – Interaction with media: आत्महत्या से जुड़े मामलों में जिम्मेदार और सकारात्मक मीडिया रिपोर्टिंग।
F – Foster life skills: 15-29 वर्ष आयु वर्ग में जीवन कौशल का विकास।
E – Early identification: आत्महत्या के विचार या व्यवहार वाले व्यक्तियों की समय रहते पहचान और आवश्यक सहायता।
मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन पर फोकस
अभियान के तहत रोकथाम, व्यवहारिक उपचार और सकारात्मक सोच के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि “मनसयुक्ति” की “मनसचेतना” पहल का उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आत्महत्या जैसी घटनाओं में कमी लाना है। यह जानकारीश्याम मोहन दुबे
संस्थापक/अध्यक्ष
अरपा अर्पण महाअभियान “जन आंदोलन”
बिलासपुर ने दी।

