



बिलासपुर। नगर निगम की सामान्य सभा शुक्रवार को हंगामे, धक्का-मुक्की और सड़क जाम के बीच सियासी अखाड़े में तब्दील हो गई। पानी की समस्या से शुरू हुआ विवाद लिंगियाडीह में बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे पर इस कदर भड़का कि सदन के भीतर हाथापाई तक नौबत आ गई और बाहर मिशन अस्पताल रोड पर करीब दो घंटे तक चक्का जाम की स्थिति बन गई।
सभा स्थल लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर बड़ी संख्या में महिलाएं और रहवासी महापौर से मिलने पर अड़े रहे, लेकिन 15 प्रस्तावों पर मुहर लगनी शेष होने का हवाला देकर मेयर ने सदन से बाहर आने से इनकार कर दिया। इसके बाद गेट पर धरना, नारेबाजी और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन ने माहौल और गरमा दिया।
प्रश्नकाल के बाद फूटा गुस्सा
सामान्य सभा की कार्रवाई शुरू होते ही पानी की समस्या को लेकर कांग्रेसी और बीजेपी पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। एक घंटे के प्रश्नकाल के बाद वार्ड 52 के पार्षद दिलीप पाटिल ने लिंगियाडीह में पिछले 84 दिनों से धरना दे रहे कब्जाधारियों के मकान तोड़े जाने का मुद्दा उठाया।
मुद्दा उठते ही सदन में शोर-शराबा, चिल्लमचिली और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि हाथापाई तक नौबत आ गई। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षद सदन से बाहर निकल आए और गेट पर धरने पर बैठ गए।
गेट बंद, बाहर सियासी घेराबंदी
उधर, बड़ी संख्या में महिलाएं महापौर से मिलने की मांग पर अड़ी रहीं। निगम प्रशासन ने ऑडिटोरियम का गेट अंदर से बंद कर दिया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा और जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें भी अंदर प्रवेश से रोक दिया गया। गेट पर जमकर बहस और नोकझोंक हुई।
मिशन अस्पताल रोड पर चक्का जाम
स्थिति तब और विस्फोटक हो गई जब कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में महिलाएं और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मिशन अस्पताल रोड पर चक्का जाम कर दिया। करीब एक से दो घंटे तक इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रही।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लिंगियाडीह में गरीबों के मकान तोड़कर सड़क और गार्डन बनाए जा रहे हैं, पट्टा देने के नाम पर पैसे वसूले गए लेकिन वितरण नहीं किया गया। निगम के खजांची को तत्काल हटाने और कार्रवाई की मांग भी की गई।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अनहोनी न हो।
मेयर का पलटवार: ‘राजनीति चमकाने की कोशिश’
मेयर पूजा विधानीबिलासपुर।
करीब दो घंटे बाद सामान्य सभा की कार्रवाई समाप्त कर महापौर पूजा विधानी बीजेपी पार्षदों के साथ गेट पर पहुंचीं। मीडिया से चर्चा में उन्होंने पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भीड़ पैसे और साड़ी देकर लाई गई है। कांग्रेस पार्षद क्षेत्र का विकास नहीं चाहते। महापौर ने पार्षद दिलीप पाटिल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्वयं बड़े कब्जाधारी हैं और अपने कब्जे को बचाने के लिए लोगों को आगे कर रहे हैं, उनके कब्जे पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा।
इस बयान का दिलीप पाटिल और अन्य कांग्रेस पार्षदों ने कड़ा विरोध किया। पाटिल ने कहा कि वे वर्षों से अपने माता-पिता के साथ वहीं रह रहे हैं और उनके वार्ड में भाजपा से जुड़े लोग भी कब्जाधारी हैं।
नगर निगम आयुक्त बिलासपुर।
15 प्रस्तावों पर भी छाया सियासी साया
इस पूरे हंगामे के बीच सामान्य सभा में 15 प्रस्तावों पर चर्चा और मुहर की प्रक्रिया जारी रही, लेकिन सदन के भीतर और बाहर का सियासी टकराव पूरे घटनाक्रम पर हावी रहा।
लिंगियाडीह का मुद्दा अब नगर निगम की बैठक से निकलकर सड़क की राजनीति में बदल चुका है, जहां एक तरफ बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विरोध है, तो दूसरी ओर विकास और अतिक्रमण हटाने को लेकर सत्ता पक्ष का आक्रामक रुख।
शुक्रवार की सामान्य सभा बिलासपुर की सियासत में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनने वाली तस्वीरें छोड़ गई।

