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45 दिन खटने के बाद भी नहीं मिली पूरी मजदूरी40 मजदूरों के 5.54 लाख रु. बकाया, ठेकेदार पर धमकी देने का आरोप; कलेक्टर से गुहार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, 12 फरवरी 2026।
रेलवे प्रोजेक्ट में काम करने आए मध्यप्रदेश के करीब 40 मजदूरों ने ठेकेदार पर 5,54,550 रुपए मजदूरी दबाने का आरोप लगाया है। मजदूरों ने कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि 45 दिन तक लगातार काम करने के बावजूद पूरा पैसा नहीं दिया गया, उल्टा मांगने पर धमकाया जा रहा है।

1306 हाजिरी, फिर भी आधा पैसा अटका
मजदूरों के अनुसार वे उमरिया (मध्यप्रदेश) निवासी हैं और इंदू इंटरप्राइजेस कंपनी के तहत रेलवे का कार्य कर रहे थे।
कुल कार्य अवधि: 45 दिन
कुल हाजिरी: 1306 बेलदार: 740 (₹600 प्रतिदिन)
रेजा: 565 (₹550 प्रतिदिन)
कुल देय मजदूरी: ₹7,54,550
मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार हरीश खन्ना (पिता प्यारेलाल खन्ना) ने अब तक ₹2 लाख का भुगतान किया है, लेकिन ₹5,54,550 अब भी बकाया है।
“जहां शिकायत करना है कर दो…”
प्रार्थीगण का आरोप है कि जब बकाया राशि मांगी जाती है तो ठेकेदार टालमटोल करता है। मजदूरों का दावा है कि ठेकेदार ने कहा—
“मैं उत्तरप्रदेश का हूं, मुझे तुम लोग नहीं जानते। जहां जाना है, शिकायत कर दो।”
मजदूरों ने इसे खुली धमकी बताया है। उनका कहना है कि वे बाहरी राज्य के हैं, छत्तीसगढ़ में कोई रिश्तेदार या सहारा नहीं है, ऐसे में भुगतान नहीं मिलने से परिवार सहित भूखों मरने की नौबत आ गई है।
कलेक्टर और सीएम से दखल की मांग
मजदूरों ने कलेक्टर बिलासपुर से तत्काल हस्तक्षेप कर बकाया मजदूरी दिलाने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ और डीआरएम दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर को भी भेजी गई है।
प्रार्थीगण में सुशील कुमार लोनी (ग्राम धरवाही, जिला उमरिया), अर्जुन, सावती, राजकुमार, रामहि सहित अन्य मजदूर शामिल हैं।
बड़ा सवाल: रेलवे प्रोजेक्ट में मजदूरों की निगरानी कौन करेगा?
रेलवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट में यदि मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिलता, तो श्रम कानूनों के पालन पर भी सवाल खड़े होते हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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