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बिलासपुर को मिलेगा जल संबल: हसदेव–अरपा लिंक और खोंगसरा सिंचाई योजना को 7.50 करोड़ की मंजूरी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर | छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में जल संसाधनों के सुव्यवस्थित उपयोग और सिंचाई ढांचे को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बिलासपुर जिले से जुड़ी दो प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए राज्य शासन ने फरवरी 2026 में कुल 7 करोड़ 50 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। ये स्वीकृतियां जल संसाधन विभाग के माध्यम से दी गई हैं और इनका उद्देश्य जिले में नदी जल प्रबंधन, नहर प्रणाली को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र के लिए जल उपलब्धता को बेहतर बनाना है।


प्रशासकीय मंजूरी जिन योजनाओं को दी गई है, उनमें हसदेव–अरपा लिंक परियोजना का सर्वेक्षण कार्य और खोंगसरा व्यपवर्तन (सिंचाई) योजना की मुख्य नहर लाइनिंग शामिल है। दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन मुख्य अभियंता, हसदेव कछार जल संसाधन विभाग, बिलासपुर के अधीन किया जाएगा।
हसदेव–अरपा लिंक परियोजना: सर्वे के लिए 5.59 करोड़
स्वीकृत राशि का बड़ा हिस्सा हसदेव–अरपा लिंक परियोजना के सर्वेक्षण कार्य के लिए निर्धारित किया गया है। इस प्रस्तावित परियोजना के सर्वे के लिए 5 करोड़ 59 लाख 95 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह परियोजना हसदेव नदी और अरपा नदी को जोड़ने की परिकल्पना पर आधारित है।
हसदेव नदी छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों में शामिल है और यह महानदी की सहायक नदी है। यह नदी कोरबा, सरगुजा जैसे क्षेत्रों से होकर बहती है और पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत मानी जाती है। वहीं, अरपा नदी बिलासपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरती है, जो वर्षों से जल संकट और मौसमी सूखाव की स्थिति का सामना करती रही है।
लिंक परियोजना के तहत हसदेव नदी के अतिरिक्त जल को अरपा नदी में स्थानांतरित करने की योजना प्रस्तावित है। स्वीकृत सर्वेक्षण राशि से परियोजना से जुड़े तकनीकी, भौगोलिक, जल प्रवाह, संभावित जल उपलब्धता और संरचनात्मक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना और निर्माण से संबंधित निर्णय लिए जाएंगे।
अरपा नदी के पुनर्जीवन से जुड़ी अहम पहल
अरपा नदी को बिलासपुर की जीवनरेखा माना जाता रहा है। बीते वर्षों में नदी में जल प्रवाह कम होने से शहर और आसपास के क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बनती रही है। हसदेव–अरपा लिंक परियोजना के सर्वे को अरपा नदी में वर्षभर जल प्रवाह बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
खोंगसरा व्यपवर्तन योजना: मुख्य नहर की होगी लाइनिंग
दूसरी ओर, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में स्थित खोंगसरा व्यपवर्तन योजना के लिए 1 करोड़ 90 लाख 24 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग योजना की मुख्य नहर की लाइनिंग के लिए किया जाएगा।
व्यपवर्तन योजना के अंतर्गत नहरों के माध्यम से जल प्रवाह को नियंत्रित कर खेतों तक पहुंचाया जाता है। मुख्य नहर की लाइनिंग से पानी के रिसाव में कमी आएगी, नहर की मजबूती बढ़ेगी और सिंचाई क्षमता में सुधार होगा। यह योजना स्थानीय किसानों के लिए उपयोगी मानी जा रही है, क्योंकि इससे खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।
जल संसाधन विभाग के अधीन होगा पूरा क्रियान्वयन
दोनों योजनाओं से जुड़े सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण और निर्माण से संबंधित समस्त कार्य हसदेव कछार जल संसाधन विभाग, बिलासपुर के माध्यम से किए जाएंगे। प्रशासकीय स्वीकृति के बाद विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
इन स्वीकृतियों के साथ बिलासपुर जिले में जल संसाधन आधारित विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विभागीय तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं।

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