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मरम्मत की आड़ में खेला? गोल बाजार प्रकरण पर निगम का नोटिस, फायर ब्रिगेड की राह पर सवाल जस के तस

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। गोल बाजार की जली इमारत पर चल रहे कथित अवैध निर्माण के मामले ने अब और वजन पकड़ लिया है। मीडिया में खबर सामने आने के बाद नगर निगम बिलासपुर ने न सिर्फ मौके पर नोटिस चस्पा किया है, बल्कि पहली बार आधिकारिक स्तर पर यह भी स्वीकार किया है कि भवन मालिक को केवल मरम्मत कार्य की अनुमति दी गई थी, नए निर्माण की नहीं। इसी बिंदु ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि जर्जर भवन को तोड़कर बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स खड़ा किए जाने की शिकायत पहले ही सामने आ चुकी है।


नगर निगम बिलासपुर के भवन अधिकारी अनुपम तिवारी ने इस मामले में बताया कि संबंधित भवन स्वामी ने मरम्मत कार्य के लिए अनुमति प्राप्त की थी। नए निर्माण कार्य को लेकर मामला फिलहाल विचाराधीन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद मौके पर नोटिस जारी किया गया है, जिसमें नियमों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कलेक्टर जनरेशन में भी हुई थी शिकायत।
यह बयान ऐसे समय आया है जब वार्ड क्रमांक 70, जोन–5, मुख्य मार्ग गोल बाजार में स्थित उक्त भवन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिस इमारत में पूर्व में आगजनी की घटना हो चुकी थी, उसे जर्जर घोषित कर तोड़ दिया गया और उसी भूमि पर नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह निर्माण मरम्मत की परिधि से बाहर है और भवन नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा है।
इस निर्माण से सटी अंदरूनी गली पहले से ही बेहद संकरी है, जहां से अग्रवाल लॉज, सलूजा किटाना, गुप्ता एंड संस, मुकेश होजियारी, राजू होजियारी जैसे कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। निर्माण सामग्री और बढ़ते ढांचे के कारण यह गली और अधिक सिमटती जा रही है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
स्थानीय व्यापारियों ने आगजनी के पुराने मामलों की ओर भी ध्यान दिलाया है। कुछ वर्ष पूर्व अमरनाथ जड़ी-बूटी वाले की दुकान में आग लगने की घटना इलाके के लोगों को आज भी याद है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की आपदा आती है, तो फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों का इस गली तक पहुंच पाना पहले से ही कठिन माना जा रहा है। अब कथित नए निर्माण से यह जोखिम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आवेदक प्रशांत मिश्रा द्वारा इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय और नगर निगम आयुक्त को बार-बार लिखित शिकायतें दी गई थीं, जिनकी प्रतिलिपियां 3 फरवरी 2026 को प्रस्तुत आवेदन के साथ संलग्न की गई हैं। शिकायत में साफ तौर पर यह उल्लेख किया गया है कि मरम्मत के नाम पर नया निर्माण कराया जा रहा है और इससे सार्वजनिक सुरक्षा को सीधा खतरा उत्पन्न हो रहा है।
नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में भवन स्वामी से निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और अनुमति का विवरण मांगा गया है। साथ ही नियमों का पालन नहीं होने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गोल बाजार जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में इस कार्रवाई ने न सिर्फ व्यापारियों बल्कि आम नागरिकों के बीच भी चर्चाओं को तेज कर दिया है, जहां हर नजर अब इस बात पर टिकी है कि मरम्मत और नए निर्माण के बीच खींची गई रेखा को प्रशासन किस तरह परिभाषित करता है।

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