बिलासपुर। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शामिल गोल बाजार एक बार फिर अवैध निर्माण को लेकर सुर्खियों में है। नगर निगम जोन–5 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 70, मुख्य मार्ग गोल बाजार में आग लगने से क्षतिग्रस्त दुकानों की जर्जर इमारत को तोड़कर उसी भूमि पर कथित रूप से बिना अनुमति गगनचुंबी कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण न केवल नियमों को चुनौती दे रहा है, बल्कि आसपास की गलियों, व्यापारिक गतिविधियों और आपातकालीन सेवाओं के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
आवेदक प्रशांत मिश्रा द्वारा दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, जिस भवन में पूर्व में आगजनी की घटना हो चुकी थी, उसके जीर्णोद्धार की अनुमति के बजाय पूरी संरचना को ध्वस्त कर नई बहुमंजिला इमारत खड़ी की जा रही है। इस अवैध निर्माण को लेकर कलेक्टर कार्यालय और नगर निगम आयुक्त को बार-बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि उक्त भूमि से सटी अंदरूनी गली में कई वर्षों से अनेक व्यापारी व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। अग्रवाल लॉज, सलूजा किटाना, गुप्ता एंड संस, मुकेश होजियारी, राजू होजियारी जैसे प्रतिष्ठित व्यावसायिक संस्थान इसी संकरी गली से जुड़े हुए हैं। निर्माण कार्य के चलते यह गली और अधिक संकरी होती जा रही है, जिससे आम आवागमन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कुछ वर्ष पूर्व अमरनाथ जड़ी-बूटी वाले की दुकान में भी आगजनी की घटना हो चुकी है। ऐसे में आग या किसी अन्य आपदा की स्थिति में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस का पहुंच पाना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। अब अवैध निर्माण के कारण मार्ग और सिमट जाने से आपात सेवाओं की राह लगभग बाधित हो रही है, जो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
शिकायत में यह भी रेखांकित किया गया है कि प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक घटनाओं के दौरान जीवन रक्षक सेवाओं का त्वरित पहुंचना अत्यंत आवश्यक होता है, लेकिन अवैध निर्माण के कारण यह मार्ग अवरुद्ध होता जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
दिनांक 03 फरवरी 2026 को प्रस्तुत इस आवेदन के साथ कलेक्टर, बिलासपुर तथा नगर निगम आयुक्त, बिलासपुर को पूर्व में दिए गए शिकायत पत्रों की छायाप्रति भी संलग्न की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला लंबे समय से प्रशासन के संज्ञान में है।



