बिलासपुर।
केंद्रीय बजट के पेश होते ही छत्तीसगढ़ की सियासत में उसकी गूंज सुनाई दी। रविवार को बिलासपुर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और शहर विधायक कमल अग्रवाल ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर बजट के प्रावधानों को विस्तार से रखा। दोनों नेताओं ने इसे जनकल्याण, विकास और सर्वसमावेशी सोच का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह बजट देश के हर वर्ग, हर क्षेत्र और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की जरूरतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में छत्तीसगढ़ पर विशेष फोकस दिखाई देता है। राज्य के जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम निर्णय लिए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ सहित आठ राज्यों में जनजातीय स्वास्थ्य वेधशालाएं स्थापित करने की घोषणा को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा।
अरुण साव ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ इलाकों में विशेष रूप से पीवीटीजी बस्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण हेतु अतिरिक्त बजटीय प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही जनजातीय स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तैयार करने के उद्देश्य से हर वर्ष खेल हब विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि खनिज परिवहन और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए रेलवे को प्राथमिकता दी गई है, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास और आवागमन दोनों को गति मिलेगी।
किसानों के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “धान के कटोरे” के रूप में पहचान रखने वाले छत्तीसगढ़ के किसानों के हितों को केंद्र में रखते हुए केंद्र और राज्य की साझा योजनाओं को मजबूती दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आठ लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण के लिए केंद्रीय सहायता का हिस्सा बढ़ाया गया है। किसानों को डिजिटल रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ मिशन को तेजी से लागू किया जाएगा, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके।
उन्होंने बताया कि दुर्लभ खनिजों पर सीमा शुल्क में कटौती से छत्तीसगढ़ के खनन उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे राज्य में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बजट में मछली पालन, पशुपालन, लघु एवं सीमांत किसानों, छोटे व्यापारियों और श्रमिक वर्ग के हितों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।
शहर विधायक कमल अग्रवाल ने बजट के औद्योगिक और आर्थिक पक्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान कर औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि रेल, सड़क, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो दीर्घकालीन विकास की नींव रखेगा।
कमल अग्रवाल ने कहा कि बजट में दवाइयों की कीमतें कम करने, खादी और ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने तथा निर्यात बढ़ाने का स्पष्ट रोडमैप शामिल है। महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में 20 हजार से अधिक रोजगार सृजन, ई-बस सेवाओं के विस्तार और आधुनिक शहरी परिवहन योजनाओं को गति दी गई है। उन्होंने इसे केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी देश को सशक्त करने वाला बजट बताया।
विधायक अग्रवाल ने वित्त मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि यह “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर बढ़ता हुआ विकास बजट है, जो देश को चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि विदेशी निवेश को आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे भारत को वैश्विक आर्थिक हब बनाने की दिशा और स्पष्ट हुई है। साथ ही छत्तीसगढ़ को माइनिंग सेक्टर का मजबूत केंद्र बनाने का लक्ष्य भी इस बजट में रखा गया है।
प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर, महापौर पूजा विधानी, जिला कोषाध्यक्ष गुलशन, सभापति विनोद सोनी, मीडिया प्रभारी केके शर्मा, सह-मीडिया प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।



