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हाईटेक पुलिसिंग की ओर बड़ा कदम: बिलासपुर रेंज में अपराध नियंत्रण को लेकर आईजी की पहली बड़ी समीक्षा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर |
छत्तीसगढ़ की पुलिसिंग व्यवस्था को तकनीक, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही के नए सांचे में ढालने की दिशा में बिलासपुर रेंज से एक अहम पहल सामने आई है। नवपदस्थ पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग, भा.पु.से. ने पदभार संभालने के बाद रेंज अंतर्गत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों एवं राजपत्रित अधिकारियों की हाईब्रिड मोड में विस्तृत समीक्षा बैठक ली।
बैठक के दौरान बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों ने एजेंडा आधारित प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने-अपने जिलों की अपराध स्थिति, विवेचना, कानून-व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों की जानकारी साझा की। समीक्षा के दौरान रेंज स्तर के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के साथ आगामी रणनीतियों पर भी मंथन हुआ।
संज्ञेय अपराध, गंभीर विवेचना और अभियोजन समन्वय पर फोकस
बैठक में संज्ञेय अपराधों के मामलों में तत्काल संज्ञान, विधिसम्मत कार्रवाई और त्वरित निराकरण को लेकर चर्चा हुई। गंभीर अपराधों की विवेचना में गुणवत्ता, समयबद्धता और अभियोजन के साथ समन्वय जैसे पहलुओं को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
संपत्ति अपराधों पर निगरानी और असामाजिक तत्वों की पहचान
संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान, उन पर सतत निगरानी और विधिवत कार्रवाई जैसे बिंदु भी बैठक में प्रमुख रूप से सामने आए।
मोबाइल एप्स और सॉफ्टवेयर से सशक्त होगी पुलिस
बैठक में पुलिसिंग को तकनीक-सक्षम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अपराधों की विवेचना, रोकथाम और पतासाजी को सशक्त करने के लिए विशेष रूप से विकसित मोबाइल एप्स और सॉफ्टवेयर के उपयोग पर चर्चा हुई। इन तकनीकी माध्यमों से गुम एवं चोरी हुए वाहनों की जानकारी, फरार अपराधियों की ट्रैकिंग, गुमशुदा बच्चों की पहचान और पुलिस के अन्य कार्यों में सहायता मिलने की बात सामने आई। इसके लिए पुलिसकर्मियों के विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी अहम बताया गया।
‘सायबर प्रहरी’ अभियान के जरिए डिजिटल जागरूकता
सायबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए ‘सायबर प्रहरी’ नामक विशेष अभियान का उल्लेख बैठक का अहम हिस्सा रहा। इसके माध्यम से अधिक से अधिक आम नागरिकों को जोड़कर सायबर क्राइम के प्रति जागरूक करने, आवश्यक अलर्ट्स और सूचनाएं साझा करने की बात बैठक में रखी गई।
थानों में क्यूआर कोड से फीडबैक व्यवस्था
आमजनों और पीड़ितों के लिए थानों को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में एक नई पहल पर भी चर्चा हुई। थाना और चौकी आने वाले लोगों से मोबाइल से स्कैन किए जा सकने वाले क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक लेने की व्यवस्था को प्रत्येक थाना एवं चौकी में लागू करने की बात सामने आई।
गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा तैयारियां
आगामी गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र रेंज के सभी जिलों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था, सघन पेट्रोलिंग, गश्त और असामाजिक तत्वों पर निगरानी जैसे विषयों पर भी बैठक में चर्चा हुई।
संगठित अपराधों में संलिप्तता पर सख्त नजर
संगठित अपराधों में पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाए जाने की स्थिति को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। विशेष रूप से औद्योगिक जिले कोरबा और रायगढ़ में अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों की सतत निगरानी को लेकर बिंदु सामने आए।
कौन-कौन रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह,
पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल,
पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री दिव्यांग पटेल,
पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी,
पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्री मनोज खिलारी,
पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ श्री अंजनेय वार्ष्णेय,
पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री प्रफुल्ल ठाकुर,
पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चाम्पा श्री विजय पाण्डेय,
सहित रेंज के सभी जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक रेंज कार्यालय से अधिकारी उपस्थित रहे।

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