
बिलासपुर।
शासकीय भूमि को निजी बताकर खुलेआम बिक्री करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को सरकंडा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की गिरफ्तारी के साथ जमीन घोटाले के एक संगठित नेटवर्क की परतें सामने आई हैं, जिसमें शासकीय घास भूमि को जंगल क्षेत्र की सरकारी जमीन होने के बावजूद निजी स्वामित्व दर्शाकर बेचा गया।
मामले का विवरण
थाना — सरकंडा
जिला — बिलासपुर (छ.ग.)
अपराध क्रमांक —
759/2025 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि
760/2025 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि
867/2025 धारा 420, 34 भादवि
गिरफ्तार आरोपी
नाम — नदीम अहमद
पिता — वसीम अहमद
उम्र — 33 वर्ष
निवासी — टिकरापारा, पुराने हाईकोर्ट के पीछे
थाना — सिटी कोतवाली
जिला — बिलासपुर (छ.ग.)
कैसे सामने आया पूरा फर्जीवाड़ा
मामले की शुरुआत 26 मई 2025 को हुई, जब मोह. आजम खान पिता स्व. असलम खान, उम्र 47 वर्ष, निवासी विकास नगर कुसमुंडा जिला कोरबा ने सरकंडा थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में ग्राम खमतराई, पटवारी हल्का नंबर 17/25, खसरा नंबर 559/1/थ/6 में स्थित 1500 वर्गफुट भूमि को आरोपी नदीम अहमद के माध्यम से मूलभूत स्वामी बताए गए विश्वनाथ राय से 18 लाख 75 हजार रुपये में खरीदा गया था।
भूमि का पंजीयन होने के बाद जब नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया गया, तब सामने आया कि संबंधित भूमि छोटे-बड़े झाड़ों से घिरी जंगल क्षेत्र की शासकीय भूमि है, जिसकी खरीदी-बिक्री बिना कलेक्टर की अनुमति के नहीं की जा सकती। इसी आधार पर नामांतरण निरस्त कर दिया गया।
तहसील जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि नदीम अहमद ने अपने साथियों श्रेयांश कौशिक और विश्वनाथ राय के साथ मिलकर शासकीय भूमि का कूटरचित दस्तावेज तैयार किया और निजी भूमि बताकर बिक्री की।
एक नहीं, कई पीड़ित
इसी तरह के आरोपों के साथ कौशिल्या थवाईत पति चंद्रशेखर थवाईत, निवासी गीतांजली सिटी फेस-2, थाना सरकंडा और संजय कुमार जायसवाल, निवासी रामनगर चिंगराजपारा ने भी थाना सरकंडा में शिकायत दर्ज कराई। तीनों शिकायतों के आधार पर अलग-अलग अपराध क्रमांक दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
8 महीने तक फरार, फिर दबिश में गिरफ्तारी
प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी नदीम अहमद लगातार फरार चल रहा था। पुलिस द्वारा उसकी लगातार पतासाजी की जा रही थी। इसी बीच 21 जनवरी 2026 को सूचना मिली कि आरोपी अपने सकुनत पर आया हुआ है। सूचना तत्काल पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) को दी गई, जिनके निर्देश पर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीसीयू) बिलासपुर श्री अनुज कुमार और सीएसपी सिविल लाइन/सरकंडा श्री निमितेश सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी सरकंडा निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी के निवास स्थान पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने शासकीय भूमि की बिक्री, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और ठगी की वारदात को स्वीकार किया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।



