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नगरीय निकाय कर्मचारियों का सरकार पर दबाव, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और अधिकारों को लेकर एक बार फिर संगठित आवाज बुलंद हुई है। स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ ने नगरीय निकाय कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग करते हुए माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम कलेक्टर बिलासपुर के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों से जुड़ी आर्थिक, सेवा-शर्तों और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित 15 प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है।


महासंघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में दैनिक वेतनभोगी एवं ठेका कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से रखी गई है। इसके साथ ही नगरीय निकायों में कार्यरत स्वच्छता दीदी एवं स्वच्छता कमांडो को कलेक्टर दर पर मानदेय भुगतान, पीएफ एवं ईएसआईसी जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, चुंगी क्षतिपूर्ति की व्यवस्था, तथा कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन योजना लागू करने की मांग भी ज्ञापन में प्रमुख रूप से दर्ज की गई।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों को लंबे समय से वेतनमान एरियर्स का भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिसे शीघ्र दिए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने, पदोन्नति के लिए नवीन सेटअप लागू करने और आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली को निरस्त करने की मांग रखी गई है।
स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर जनप्रतिनिधियों के दबाव में कर्मचारियों पर अनुचित कार्रवाई की जा रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाए जाने की आवश्यकता है। महासंघ ने कर्मचारियों के हितों से जुड़े सभी मुद्दों पर शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।
नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से रखी गई इन 15 सूत्रीय मांगों ने एक बार फिर शहरी प्रशासन से जुड़े श्रमिक और कर्मचारी मुद्दों को प्रदेश के राजनीतिक-प्रशासनिक एजेंडे के केंद्र में ला खड़ा किया है।

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