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मताधिकार पर संकट? वार्ड 26 में SIR के नाम पर 1500 मतदाता ‘कैटेगरी C’ में, पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन का सीधा आरोप

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी—मतदाता—को ही संदिग्ध ठहराए जाने के आरोपों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वार्ड क्रमांक 26 अशफाक उल्ला खां में लगभग 1500 मतदाताओं को ‘कैटेगरी C’ में डालने को लेकर पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से सीधी मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। आरोप है कि वर्षों से मतदाता सूची में दर्ज नाम, 2003 के SIR रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बावजूद लोगों को नोटिस थमाए गए, जिससे बड़े पैमाने पर मताधिकार प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।


पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन ने जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपे शिकायत पत्र में कहा है कि वार्ड 26 में SIR के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम भी ‘कैटेगरी C’ में डाल दिए गए हैं, जिन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा किए थे। आरोप है कि एक ही परिवार में समान दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद अलग-अलग निर्णय किए गए, जिससे प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उनका कहना है कि कई मामलों में पिता की दो संतानों में से एक का नाम ‘ओके’ कर दिया गया, जबकि दूसरी संतान को नोटिस जारी कर दिया गया। यह स्थिति न केवल भ्रम पैदा कर रही है, बल्कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर रही है।

1 | वार्ड 26 की जमीनी हकीकत
वार्ड में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार
अधिकांश लोग किराये के मकानों में निवासरत
माता–पिता के पास जन्म प्रमाण पत्र या जन्मस्थान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं
कई परिवारों के पास केवल SIR 2003 के रिकॉर्ड मौजूद
2003 में नाम, 2026 में नोटिस—सवालों के घेरे में SIR
शेख नजीरुद्दीन ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 के SIR में दर्ज हैं, उन्हें भी वर्तमान पुनरीक्षण में नोटिस जारी किए गए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से मताधिकार का उपयोग कर रहे लोगों को अचानक ‘कैटेगरी C’ में डालना गंभीर चिंता का विषय है।

–2 | नोटिस जारी किए गए मतदाताओं के उदाहरण
जेबुन्निसा — जन्म वर्ष 1948, नाम SIR 2003 में दर्ज, फिर भी नोटिस
शमा परवीन — पिता का नाम SIR 2003 में दर्ज
नाजिया बेगम — पिता का नाम SIR 2003 में दर्ज
अमीर अली — जन्म वर्ष 1974, नाम SIR 2003 में दर्ज, फिर भी नोटिस
हसीना बेगम — अमीर अली की पत्नी, नोटिस जारी
एक ही पिता, एक दस्तावेज, दो अलग फैसले
पूर्व सभापति ने शिकायत में दीपक बंसोड़ के परिवार का उदाहरण देते हुए कहा—
पुत्र दीक्षांत बंसोड़ — पिता के SIR 2003 दस्तावेज पर नाम ‘ओके’
पुत्री संजना बंसोड़ — वही दस्तावेज लगाने के बावजूद नोटिस
ऐसे कई मामलों के सामने आने की बात शिकायत पत्र में दर्ज है।
3 | पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन का बयान
“जिन मतदाताओं ने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए हैं, उनके नाम भी कैटेगरी C में डाल दिए गए हैं। वार्ड के अधिकांश लोग गरीब हैं, किराये के मकानों में रहते हैं, उनके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है—सिर्फ 2003 का SIR रिकॉर्ड है। ऐसी स्थिति में इन लोगों के नाम मतदाता सूची में कैसे बने रहेंगे, यह बड़ा सवाल है।”
जिला निर्वाचन अधिकारी का जवाब
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने मुलाकात के दौरान कहा कि इस प्रकार के सभी प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि हर मामले की जांच कर समुचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे। संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई।
4 | प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे
ऋषि पांडेय
अर्जुन सिंह
अब्दुल रज्जाक

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