


बिलासपुर | लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के तहत चल रहे महाधरना ने 41वें और 42वें दिन भी निरंतरता बनाए रखी। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। आंदोलन के दौरान अखंड नवधा रामायण, भजन-कीर्तन और जनसमर्थन के विभिन्न रूप सामने आए।
41वें दिन: अखंड नवधा रामायण के साथ समर्थन
महाधरना के 41वें दिन अखंड नवधा रामायण का आयोजन किया गया। अशोकनगर के अध्यक्ष पवन चंद्राकर अपने साथियों के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे और समर्थन व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि बेलतरा क्षेत्र में सबसे अधिक अत्याचार गरीबों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों पर होता है। अशोकनगर के नागरिकों ने लिंगियाडीह आंदोलन के साथ खड़े रहने की बात कही। इस दौरान चांटीडीह और बिरकोना क्षेत्र के लोग भी उपस्थित रहे।
आंदोलन स्थल पर डॉ. रघु और श्याम मूरत कौशिक ने संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि पूरा समाज इस आंदोलन के साथ है।
इस अवसर पर भोलाराम साहू, परसराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी, श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा, डॉ. अशोक शर्मा, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप, टीकम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी भी देखने को मिली, जिनमें यशोदा पाटिल, परमिला वध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, मालती मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मथुरी सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और मोहल्लेवासी शामिल रहे।
42वें दिन: महिलाओं ने संभाला मोर्चा
महाधरना के 42वें दिन चिंगराज चांटीडीह क्षेत्र की महिलाओं ने आंदोलन में भाग लिया। महिलाओं ने कहा कि यह केवल किसी एक पार्टी या संगठन का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। महिला समूहों ने भजन-कीर्तन करते हुए आंदोलन को समर्थन दिया और एकजुटता दिखाई।
इस दिन भी आंदोलन स्थल पर डॉ. रघु और श्याम मूरत कौशिक ने संबोधन दिया।
भोलाराम साहू, परसराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी, श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा, डॉ. अशोक शर्मा, चतुर सिंह यादव, सिद्धार्थ भारती, आदर्श सेवते, लखन कश्यप, दिनेश यादव, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप, टीकम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महिलाओं की उपस्थिति इस दिन भी उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में महिलाएं और प्रभावित परिवार आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे और लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के समर्थन में एकजुट नजर आए।
आंदोलनकारियों ने आंदोलन को लगातार जारी रखने की बात दोहराई। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन अब केवल एक मोहल्ले या वार्ड तक सीमित न रहकर शहरभर में जनसमर्थन का विषय बनता जा रहा है।



