



बिलासपुर।
देश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक नई और प्रभावी पहल की शुरुआत हो चुकी है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का विधिवत शुभारंभ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से हुआ, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर घटाने की दिशा में एक ठोस और परिणामोन्मुख प्रयास के रूप में सामने आया है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि बिलासपुर जिले में बीते वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 61 और 17 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।
स्थानीय चेतना हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ संभागायुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित प्रशासनिक, पुलिस और नागरिक समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मंच से यह स्पष्ट संदेश गया कि सड़क सुरक्षा अब केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक दायित्व बन चुकी है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने जिले की यातायात व्यवस्था पर आधारित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने खतरनाक सड़क खंडों, ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, इंजीनियरिंग सुधार, संकेतकों की स्थापना और प्रभावी निगरानी जैसे उपायों की जानकारी दी, जिनके परिणामस्वरूप दुर्घटनाओं में लगातार कमी आई है। यह प्रस्तुति बिलासपुर को सड़क सुरक्षा प्रबंधन का एक सफल उदाहरण के रूप में स्थापित करती दिखी।
सभा को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर पुलिस और आम नागरिकों के समन्वित सहयोग से जिले ने पूरे छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में सबसे अधिक कमी दर्ज की है। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए क्षेत्रवार प्रबंधन और नागरिक सहभागिता के मॉडल पर भी प्रकाश डाला, जो शहरी यातायात प्रबंधन की नई दिशा को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सहभागिता की भूमिका भी प्रमुखता से सामने आई। जीवधर्णी फाउंडेशन द्वारा विशेष यातायात जागरूकता सप्ताह चलाने के प्रयासों के लिए श्री विकास वर्मा को सम्मानित किया गया। वहीं यातायात जागरूकता पर आधारित लघु फिल्मों के निर्माण के लिए आर्यन फिल्म के निर्देशक श्री रामानंद तिवारी तथा इन फिल्मों में अभिनय करने वाले कलाकारों — श्री उमाशंकर पांडेय, श्री नरेंद्र सिंह चंदेल सहित अन्य कलाकारों — को भी सम्मान प्रदान किया गया। यह पहल सड़क सुरक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के रचनात्मक प्रयास के रूप में देखी गई।
समारोह में सेवा निवृत्त सैन्य अधिकारी, शिक्षा जगत के विशेषज्ञ, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण, शहर सहित), उप पुलिस अधीक्षक, रक्षित निरीक्षक और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।
शुभारंभ अवसर पर यातायात उपकरणों की प्रदर्शनी, सड़क सुरक्षा से जुड़े पोस्टर और शैक्षणिक सामग्री प्रदर्शित की गई, जिसे देखने के लिए लोगों की विशेष रुचि देखने को मिली। यह आयोजन न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर बदलती सोच और ठोस परिणामों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।



