

निजीकरण के खिलाफ बिलासपुर में उबाल, पुलिस मौजूदगी में भी नहीं थमा आक्रोश
बिलासपुर।
भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में बिलासपुर में युवा कांग्रेस का गुस्सा बुधवार को खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। जिला शहर और जिला ग्रामीण युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया। कांग्रेस भवन, तिलक नगर में बड़ी संख्या में एकत्रित युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रैली के रूप में नेहरू चौक पहुंचे।
नेहरू चौक पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था, इसके बावजूद युवा कांग्रेसियों का आक्रोश कम नहीं हुआ। नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल पानी डालकर पुतले को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें और विरोध का जोश दोनों ही नहीं थमे। कुछ देर तक चौक पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और पूरे इलाके में नारे गूंजते रहे।
युवा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा बसाए गए भिलाई को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार निजीकरण की नीति के तहत बेचने पर आमादा है। भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े स्कूलों और मैत्री बाग के निजीकरण के लिए निविदा जारी होना इसी साजिश का स्पष्ट उदाहरण बताया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ भिलाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में कोरबा, बचेली, बस्तर सहित छत्तीसगढ़ की अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक और प्राकृतिक संपदाओं को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
“भिलाई सौदा नहीं, संघर्ष की पहचान है” – शेरू असलम
जिला शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम ने तीखे शब्दों में कहा कि भिलाई केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि पंडित जवाहरलाल नेहरू की दूरदर्शी सोच और देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इसे बेचने की साजिश किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सरकारी उपक्रमों को जानबूझकर कमजोर कर निजी पूंजीपतियों के हवाले कर रही है, जिससे मजदूरों, कर्मचारियों और उनके परिवारों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। असलम ने कहा कि युवा कांग्रेस इस जनविरोधी नीति के खिलाफ सड़क पर भी लड़ेगी और हर मंच पर आवाज बुलंद करेगी।
“छत्तीसगढ़ के संसाधनों की लूट बर्दाश्त नहीं” – सुनील पटेल
जिला ग्रामीण युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुनील पटेल ने कहा कि निजीकरण के नाम पर छत्तीसगढ़ के संसाधनों की खुली लूट की जा रही है। भिलाई से शुरू हुई यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश को बेचने की पटकथा है। उन्होंने कहा कि सरकारी उपक्रम सिर्फ फैक्ट्रियां नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान से जुड़े हुए हैं। इन्हें निजी हाथों में सौंपना सीधे तौर पर बेरोजगारी और असमानता को बढ़ावा देना है।
सत्याग्रह के समर्थन में सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस
युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों और स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा बसाए गए भिलाई को बचाने के लिए चल रहे सत्याग्रह के समर्थन में यह पुतला दहन किया गया। केंद्र सरकार के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन महज शुरुआत है।
प्रदर्शन के दौरान “भिलाई बिकने नहीं देंगे”, “निजीकरण बंद करो”, “मोदी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारों से नेहरू चौक गूंज उठा। जिला शहर और जिला ग्रामीण युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन युवा कांग्रेस का आक्रोश और विरोध पूरे समय मुखर बना रहा। इस दौरान
आदिल खेरानी, तरुण यादव,दीपक रजक, शैलेश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।



