



Bilaspur बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस कप्तान रजनेश सिंह (भा.पु.से.) ने बुधवार को थाना सिविल लाइन का आकस्मिक निरीक्षण कर पुलिसिंग की जमीनी हकीकत को करीब से परखा। थाने में मौजूद फरियादियों से आमने-सामने बातचीत, रिकॉर्ड रूम से लेकर विवेचना कक्ष तक गहन पड़ताल और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान—निरीक्षण के दौरान हर पहलू सुर्खियों में रहा।
दिनांक 18 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) द्वारा थाना सिविल लाइन का अचानक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में मौजूद फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान रात्रि अधिकारी को त्वरित एवं प्रभावी निराकरण से जुड़े बिंदुओं पर अवगत कराया गया।
सीसीटीएनएस कक्ष में पहुंचकर एसएसपी ने ऑपरेटर से प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की तथा रिकॉर्ड संधारण एवं अद्यतन की स्थिति को परखा। रीडर शाखा में पासपोर्ट सत्यापन और चरित्र सत्यापन से संबंधित लंबित आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली गई।
विवेचक कक्ष में निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने स्वयं पुराने लंबित अपराधों की केस डायरी का अवलोकन किया। इसी क्रम में उप निरीक्षक अमृत साहू द्वारा वर्ष 2024 के पूर्व से लंबित 13 प्रकरणों का निराकरण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने पर उनके कार्य को सराहते हुए नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसी प्रकार एएसआई मस्तराम कश्यप, एएसआई विष्णु साहू एवं वरिष्ठ आरक्षक वीरेंद्र राजपूत को भी लंबे समय से लंबित मामलों के प्रभावी निराकरण में किए गए कार्य के लिए कैश रिवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया।
मालखाना प्रभारी द्वारा जप्त माल का सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं नियमसम्मत संधारण संतोषजनक पाए जाने पर उन्हें भी नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
थाना प्रभारी सिविल लाइन द्वारा निरीक्षण के दौरान क्षेत्र की कानून-व्यवस्था से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए गए। हालिया अवधि में—
आर्म्स एक्ट के अंतर्गत: 01 प्रकरण
धारा 170 बीएनएस: 08 प्रकरण
धारा 126 एवं 135(3) बीएनएस: 105 प्रकरण
धारा 128 बीएनएस: 02 प्रकरण
धारा 129 बीएनएस: 02 प्रकरण
कुल 32 प्रकरणों में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं, जबकि 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
इसके अतिरिक्त बीते तीन दिनों में 20 गुंडे-बदमाशों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है। इनमें चाकूबाजी जैसे गंभीर अपराधों में पूर्व में संलिप्त तथा जेल से रिहा होने के बाद पुनः आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय पाए गए आरोपी भी शामिल हैं।
इस दौरान की गई कार्यवाही और व्यवस्थाओं को लेकर थाना प्रभारी सिविल लाइन को भी नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।



