नए सिम्स भवन के टेंडर व पुराने अस्पताल की मरम्मत पर हुई अहम चर्चा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बुधवार को सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे। वे यहां अपने गुरुजी के स्वास्थ्य का हाल जानने आए थे, जो वर्तमान में सिम्स के आईसीयू में भर्ती हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने न सिर्फ गुरुजी की स्थिति की जानकारी ली, बल्कि इस दौरान उन्होंने अस्पताल की समग्र व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।
गुरुजी, जो चिरमिरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी एवं पीठाधीश्वर हैं, को हाइपरटेंशन, दिमागी समस्या, स्मरण शक्ति कमजोर होने तथा वाणी संबंधी परेशानी के चलते सिम्स में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सतत निगरानी में उनका इलाज जारी है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सपरिवार अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से गुरुजी के उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न आने देने की बात कही और अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया।
व्यवस्थाओं पर संतोष, सफाई और सुरक्षा की सराहना
अपने दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सिम्स में जो व्यवस्था देखने को मिल रही है, वह संतोषजनक है और इसे इसी तरह बनाए रखने की आवश्यकता है। विशेष रूप से सफाई व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर उन्होंने संतोष जाहिर किया।
डीन और अधीक्षक से अहम चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर सिम्स के डीन प्रोफेसर आर. मूर्ति एवं अस्पताल अधीक्षक लखन सिंह से विस्तृत चर्चा की। बातचीत के दौरान कोनी क्षेत्र में प्रस्तावित नए सिम्स भवन को लेकर भी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। मंत्री ने बताया कि नए सिम्स भवन के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, ताकि आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया अस्पताल भवन जल्द धरातल पर उतर सके।
इसके साथ ही उन्होंने पुराने अस्पताल भवन की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्यों को लेकर भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे वर्तमान ढांचे को बेहतर बनाया जा सके और मरीजों को इलाज के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
चिकित्सकीय टीम से फीडबैक
दौरे के दौरान मंत्री ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और प्रबंधन से फीडबैक लिया। उन्होंने अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों की सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, जांच व्यवस्था और स्टाफ की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली।
स्वास्थ्य मंत्री के इस दौरे को सिम्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर गुरुजी के स्वास्थ्य की चिंता झलकी, बल्कि संस्थागत स्तर पर अस्पताल की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी स्पष्टता सामने आई।



