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ऑनलाइन सिस्टम के नाम पर आदिवासी-किसान हाशिये पर, धान खरीदी से लेकर राशन वितरण तक अव्यवस्था; अर्सलान हत्याकांड पर भी सदन में गूंजा सवाल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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कोटा विधानसभा क्षेत्र में गरीब, आदिवासी और किसानों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े मुद्दों को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। विधायक अटल श्रीवास्तव ने ध्यानाकर्षण और शून्यकाल के दौरान ऑनलाइन राशन वितरण की विफल व्यवस्था, धान खरीदी में गंभीर गड़बड़ियों और गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र अर्सलान अंसारी की मौत के मामले को सदन में उठाया। विधायक ने कहा कि ये हालात केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित उपेक्षा की तस्वीर पेश करते हैं।
बिलासपुर | 17 दिसंबर 2025
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से कोटा क्षेत्र में ऑनलाइन राशन वितरण नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कोटा विधानसभा जनजाति बहुल और वनांचल क्षेत्र है, जहां नेटवर्क की समस्या आम है। नेवसा, शिवतराई, दवनपुर, झिंगटपुर, परसापानी, तेंदूभाठा, कुरदूर, पुडू, उमरिया, दादर, पटैता, बहेरामुड़ा सहित कई गांवों की राशन दुकानों में नेटवर्क नहीं होने से ग्रामीणों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
सर्वर की समस्या के कारण राशन वितरण बार-बार बाधित होता है, जबकि ऑफलाइन वितरण की कोई व्यवस्था नहीं है। नतीजतन हजारों गरीब और आदिवासी हितग्राही बार-बार राशन दुकानों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। विधायक ने कहा कि संबंधित मंत्री और शासन-प्रशासन को स्थिति की जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी समाधान नहीं किया गया, जिससे क्षेत्र में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है।
धान खरीदी में पंजीयन से लेकर तौल तक गड़बड़ियां
धान खरीदी को लेकर विधायक अटल श्रीवास्तव ने सदन को बताया कि कोटा विधानसभा के हजारों किसान वन अधिकार पट्टे की भूमि पर खेती कर रहे हैं। वे वर्षों से धान उत्पादन कर रहे हैं, इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा धान का पंजीयन नहीं किया जा रहा। पंजीयन नहीं होने के कारण सहकारी समितियां धान खरीदी से इंकार कर रही हैं, जिससे किसानों का लाखों क्विंटल धान बर्बाद होने की स्थिति में है।
विधायक ने बताया कि गिरदावरी एग्रीस्टेट पोर्टल में हजारों किसानों का रकबा काट दिया गया है। कई किसानों की फसल को ऑनलाइन रिकॉर्ड में ‘निरंक’ या धान के स्थान पर अन्य फसल दिखा दिया गया है। जो किसान हर साल धान बेचते आ रहे हैं, उनका भी रकबा घटा दिया गया है। किसान तहसील कार्यालयों और सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा।
टोकन व्यवस्था में 70 प्रतिशत ऑनलाइन और 30 प्रतिशत ऑफलाइन का प्रावधान होने के बावजूद सर्वर समस्या के चलते किसान ऑनलाइन टोकन नहीं ले पा रहे हैं। धूमा, करगीखुर्द, पीपरतराई, नगचुई, करगीकला, मिट्ठूनवागांव, आमागोहन, केंदा, बेलगहना, दारसागर, अमाली सहित कई गांवों के किसानों से केवल 14 से 17 क्विंटल तक ही धान की खरीदी की जा रही है, जबकि केंद्र सरकार की गारंटी 21 क्विंटल की है।
विधायक ने यह भी कहा कि तौल के दौरान 2 से 3 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। हमाली और बोरा चार्ज के नाम पर प्रति क्विंटल 8 रुपये नगद वसूली की जा रही है, जिससे किसान आर्थिक रूप से और अधिक परेशान हो रहे हैं।
शून्यकाल में अर्सलान अंसारी मौत का मामला
शून्यकाल के दौरान विधायक अटल श्रीवास्तव ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के छात्र अर्सलान अंसारी की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन में बताया कि 21 वर्षीय अर्सलान अंसारी, बीएसई थर्ड ईयर का छात्र था। 21 अक्टूबर को वह छात्रावास से लापता हुआ और 23 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर स्थित तालाब में उसका शव मिला।
विधायक ने कहा कि छात्र के लापता होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। बाद में शव मिलने पर इसे हादसा बताया गया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरूनी चोट के संकेत मिले हैं और पानी में डूबने से पहले मौत की बात सामने आई है। घटना के 27 दिन बाद भी न तो हत्या का मामला दर्ज हुआ है और न ही किसी पर कार्रवाई हुई है।
विधायक ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और छात्र के परिजन न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं।

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