130 परिवारों को उजाड़ने की तैयारी पर भड़की महिलाएं — शिवसेना से लेकर महिला कांग्रेस तक सड़क पर, “गरीबों को सताना बंद करो


बिलासपुर। लिंगियाडीह में जिला प्रशासन द्वारा 130 परिवारों को नोटिस थमाने की तैयारी ने पूरे इलाके में गुस्से की आग भड़का दी है। पहले ही 173 मकानों को तोड़कर सड़क और नाला बनाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन अब भी गरीब परिवारों को हटाने की कार्रवाई पर अड़े प्रशासन के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। अनिश्चितकालीन महाधरना लगातार जारी है और इस आंदोलन को शिवसेना, महिला कांग्रेस तथा नागरिक सुरक्षा मंच सहित कई संगठनों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।
लिंगियाडीह महाधरना: 130 परिवारों को उजाड़ने की तैयारी, महिलाएं अड़ी — “अब एक भी घर नहीं टूटेगा”
लिंगियाडीह में प्रशासन द्वारा नए नोटिस जारी करने की तैयारी के बाद यहां की महिलाएं लगातार शांतिपूर्वक मगर अडिग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हुई हैं।
महिलाओं का कहना है कि “सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 173 मकान पहले ही तोड़ दिए गए। सड़क बन गई, नाला बन गया… फिर भी प्रशासन गरीबों के घरों के पीछे क्यों पड़ा है?”
धरने के मंच पर आज शिवसेना, महिला कांग्रेस और नागरिक सुरक्षा मंच सहित कई संगठनों ने पहुंचकर आंदोलन को मजबूत समर्थन दिया।
शिवसेना, महिला कांग्रेस और नागरिक सुरक्षा मंच उतरे मैदान में
समर्थन देने पहुंचे प्रमुख लोग—
शिवसेना : सुनील झा, भोलाराम साहू, सतीष पांडे, प्रभु वस्त्रकार, द्वारिका वस्त्रकार, अनामिका अवस्थी, माधुरी शर्मा, परदेशी साहू, जमुना कश्यप
नागरिक सुरक्षा मंच : अमित तिवारी
महिला कांग्रेस : अध्यक्ष सीमा घृतेश, किरण तिवारी, शशिकला, उतरा डडसेना
इन सभी ने प्रशासन की कार्रवाई को “गरीबों के साथ अन्याय” बताते हुए खुलकर विरोध दर्ज किया।
समर्थन में उठी आक्रोशित आवाजें
धरने के दौरान संगठनों ने कहा—
“जब 173 घर तोड़ दिए गए और सड़क–नाला पूरा कर लिया गया, तब अब किस बात का नोटिस? यह गरीबों को सताने की राजनीति है। 50 साल पुरानी बस्ती को उजाड़ने का अधिकार किसने दिया?”
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सीमा घृतेश ने गरजते हुए कहा—
“किसी भी हालत में यहां एक भी घर नहीं टूटने देंगे। लिंगियाडीह की महिलाओं के साथ खड़े हैं। गरीबों को बेघर करने की यह कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी।”
उनके समर्थक नारे लगाते रहे —
“घर मत तोड़ो… गरीबों को मत उजाड़ो!”
महिलाएं टूटी नहीं, और मजबूत हुईं — दुर्गानगर से भारी संख्या में पहुंचा समर्थन
आज दुर्गा नगर की महिलाएं बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचीं।
विविध समाजों और कई संगठनों ने संयुक्त रूप से आंदोलन का समर्थन करते हुए जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज किया।
स्थानीय महिलाओं की कड़ी प्रतिक्रिया
यहां की महिलाओं ने मंच से कहा—
“पहले तोड़फोड़ की गई, हमने सहा। अब सड़क चौड़ीकरण पूरा हो चुका, नाला बन चुका। फिर ये नई कार्रवाई क्यों? गरीबों को हटाने की जिद क्यों?”
उनका कहना है कि प्रशासन लगातार गरीब परिवारों को बेवजह परेशान कर रहा है जबकि बस्ती पचास साल से अधिक पुरानी है और यहां रहने वाले लोग झुग्गी–झोपड़ी में परिवार चलाते हैं।
लिंगियाडीह में उबल रहा जनआक्रोश — आंदोलन और उग्र होने के संकेत
जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ लिंगियाडीह में माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।
विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और नागरिक समूहों का समर्थन मिलने के बाद आंदोलन और मजबूत हो गया है।
महिलाएं स्पष्ट कह चुकी हैं—
“अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं।”



