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ब्रेकिंग: एमपी–सीजी बॉर्डर पर रेंगाखार जंगल में धान तस्करी का बड़ा विवाद — नायब तहसीलदार पर आरोप, ग्रामीणों ने दो वाहनों सहित रोका

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रायपुर, बिलासपुर,कबीरधाम (छत्तीसगढ़)।
धान खरीदी सीजन के बीच कबीरधाम जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। एमपी–सीजी बॉर्डर पर स्थित रेंगाखार जंगल क्षेत्र में नायब तहसीलदार पर धान तस्करी में शामिल होने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने मंगलवार देर शाम धान परिवहन कर रहे दो वाहनों को रोक लिया और नायब तहसीलदार को भी मौके पर घेर लिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच विवाद की नौबत आ गई। इस पूरी घटना का वीडियो रातोंरात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जंगल मार्ग पर रोक, ग्रामीणों ने पकड़े दो वाहन
घटना रेंगाखार तहसील क्षेत्र की है, जो धान परिवहन के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर दो वाहनों को रुकवाया। उनका आरोप था कि ये वाहन अवैध रूप से धान लेकर जा रहे थे और इस प्रक्रिया में स्थानीय नायब तहसीलदार भी शामिल थे। ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके दृश्य वीडियो में स्पष्ट दिख रहे हैं।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन की तत्काल प्रतिक्रिया
मंगलवार रात करीब 11.45 बजे जिला प्रशासन ने प्रेस रिलीज जारी की। इसमें कहा गया कि—
रेंगाखार क्षेत्र में रात गश्ती के दौरान अवैध धान परिवहन की सूचना पर कार्रवाई के लिए तहसील की टीम मौके पर पहुंची थी।
वहां स्थानीय ग्रामीणों और टीम के बीच भ्रम की स्थिति बन गई, जिसके कारण मौके पर तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी।
दोनों वाहनों को जब्त कर झलमला थाने में सौंप दिया गया है।
SDM बोड़ला का बयान: एक वाहन में धान, दूसरे में कोदो
एसडीएम बोड़ला ने जानकारी दी कि—
जांच में एक वाहन में धान और दूसरे में कोदो पाया गया।
वाहनों को सीज कर लिया गया है।
मंडी सचिव स्तर पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन सख्त निगरानी में जुटा
धान खरीदी सीजन के दौरान जिला प्रशासन अवैध कारोबार पर लगातार नजर बनाए हुए है। बॉर्डर इलाकों में विशेष गश्ती टीमों की तैनाती की गई है। रेंगाखार जैसी लोकेशन अवैध परिवहन के लिहाज से संवेदनशील मानी जाती है, इसलिए यहां हर घटना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाती है।

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