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बिलासपुर में 27 हजार कुत्तों का खतरा… प्रशासन जागा, कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश—पेट शॉप, ब्रीडर, आवारा कुत्ते और टीकाकरण पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर में पालतू और आवारा कुत्तों की संख्या 27 हजार पार कर चुकी है—सड़कों पर आवारा झुंड, मोहल्लों में हमलों का डर और नियमों से बाहर चल रहे पेट शॉप–ब्रीडिंग सेंटर। बढ़ते विवाद, कोर्ट की फटकार और अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन अब सख्त मोड में आ गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पालतू–आवारा कुत्तों पर सबसे बड़ी मॉनिटरिंग और नियंत्रण योजना पर मुहर लगाई गई, जिसमें पंजीयन से लेकर नसबंदी और टीकाकरण तक हर स्तर पर कड़े कदम तय किए गए।

बिलासपुर, 3 दिसंबर।


कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की गई। बैठक में सुप्रीम कोर्ट की सुओ-मोटो पीआईएल केस नं. 05/2025 में दिए गए निर्देशों के पालन को लेकर कड़े निर्णय लिए गए।
पेट शॉप और डॉग ब्रीडर पर सख्ती – 15 दिसंबर आखिरी तारीख
सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिले में संचालित सभी डॉग ब्रीडिंग सेंटर और पेट शॉप को मापदंडों के अनुसार अनिवार्य पंजीयन के आदेश दिए गए।
पशुधन विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी संचालकों से निर्धारित आवेदन प्रपत्र 15 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से भरवाया जाए।
शहर में 6000 पालतू कुत्ते – एंटी रेबीज टीकाकरण का बड़ा अभियान
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में 6000 पालतू कुत्ते दर्ज हैं।
कलेक्टर ने आयुक्त बिलासपुर के साथ समन्वय कर वार्ड-वार संयुक्त टीकाकरण दल गठित करने और सघन एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
21 हजार आवारा कुत्ते – बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान शुरू होगा
बिलासपुर जिले में 21,000 आवारा कुत्तों की पहचान की गई है।
इनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए पशु चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देने और 15 दिसंबर से बड़े स्तर पर नसबंदी व टीकाकरण अभियान शुरू करने के आदेश दिए गए।
हाईकोर्ट की सख्ती – घुमंतू पशुओं का प्रबंधन और सांडों का बधियाकरण
माननीय उच्च न्यायालय की पीआईएल 58/2019 के निर्देशों के तहत घुमंतू पशुओं के समुचित प्रबंधन और सांडों का बधियाकरण सुनिश्चित करने की बात दोहराई गई।
कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर चरवाहों की व्यवस्था, चारागाह हेतु हरा चारा उत्पादन और पशुपालन के पारंपरिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाएं।
पैरा संग्रहण की समस्या – मजदूरी आधारित समाधान का सुझाव
किसानों द्वारा पैरा संग्रहण में आ रही दिक्कतों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने सुझाव दिया कि किसान पैरा संग्रहण के लिए दैनिक मजदूरी आधारित श्रमिकों की मदद लें।
साथ ही जिला पंचायत से खरीदी गई बेलर मशीनों का उपयोग कर पैरा एकत्र कर गौधामों में भेजने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी एवं प्रतिनिधि
इस बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, संयुक्त संचालक वेटेरिनरी डॉ. जी.एस. तंवर सहित गौशाला संचालक, डॉग ब्रीडर, पेट शॉप संचालक और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल 27,000 कुत्ते
6000 पालतू + 21,000 आवारा = 27,000 कुत्ते
यानी शहर और जिले में कुत्तों की कुल संख्या इतनी बड़ी है कि प्रशासन हर स्तर पर नियंत्रण और मॉनिटरिंग की नई रणनीति लागू करने की तैयारी में है।

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