बिलासपुर, 03 दिसंबर 2025
बिलासपुर रेलवे स्टेशन मंगलवार को उस क्षण का गवाह बना जिसने मानवीय सेवा, त्वरित कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय की एक राष्ट्रीय स्तरीय मिसाल पेश कर दी। सुबह करीब अकलतरा से आई 22 वर्षीय महिला यात्री अचानक स्टेशन परिसर के सुलभ शौचालय के सामने प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी। यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बनने ही वाला था कि तभी वाणिज्य विभाग की स्पेशल टीम ने पूरी समझदारी और जिम्मेदारी के साथ स्थिति को अपने हाथ में ले लिया।
मामले की सूचना मिलते ही एलीट अस्पताल के डॉक्टरों की टीम, महिला सफाईकर्मी और रेलवे कर्मी कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुँच गए। टीम ने बिना विलंब चादर, कपड़े और आवश्यक मेडिकल सामग्री की व्यवस्था कर प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। पूरी प्रक्रिया में टीम ने जिस संयम, संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया, उसने स्टेशन परिसर को अस्थायी ‘इमरजेंसी वार्ड’ में बदल दिया।
प्रसव के बाद माँ और नवजात को प्राथमिक उपचार देकर महतारी योजना की एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई। त्वरित सहायता और टीम के प्रयासों ने एक माँ और उसके बच्चे की जान सुरक्षित की, जिससे रेलवे कर्मियों की मानवीय प्रतिबद्धता की गूंज पूरे स्टेशन पर सुनाई दी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई में शामिल सभी कर्मचारियों व चिकित्सकीय टीम की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



