रायपुर, 01 दिसंबर 2025।
छत्तीसगढ़ में अवैध दवा कारोबारियों और नशे के ठेकेदारों पर सरकार ने सबसे मजबूत वार किया है। जांजगीर-चांपा में बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण और संचालन करने वाले दो आरोपियों को विशेष न्यायालय ने सख्त सजा सुनाते हुए साफ संदेश दे दिया—दवाइयों के नाम पर धंधा करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष प्रकरण (औषधि) क्रमांक 01/2024 में ग्राम तिलई के आरोपी मनीष पूरन विश्वास को धारा 18(ए) सहपठित धारा 28 के तहत 6 माह सश्रम कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना भुगतना होगा। वहीं प्रकरण क्रमांक 05/2024 में बलौदा निवासी प्रणव दत्त पांडेय को धारा 18(ए), 18(सी) सहपठित 28 और धारा 27(B)(i) के उल्लंघन पर 3 वर्ष 6 माह की सश्रम जेल और 1 लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के दवा भंडारण या बिक्री करना गंभीर अपराध है, और ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्रदेशभर में नशा मुक्ति जागरूकता की सुनामी
राज्य शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन में जिलों में नशा मुक्ति और तंबाकू नियंत्रण को लेकर बड़े स्तर पर IEC गतिविधियाँ आयोजित की गईं।


महासमुंद जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत अभियान, ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और COTPA Act 2003 की जानकारी दी गई और सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई।
बिलासपुर के माता शबरी कॉलेज में आयोजित विशेष कार्यशाला में विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे के दुष्परिणाम, तंबाकू नियंत्रण कानून और स्वस्थ जीवनशैली पर गहन जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. शशिकरण सिन्हा ने कहा कि नशा मुक्त समाज ही प्रगतिशील समाज की पहचान है।
COTPA Act का कड़ा पहरा — स्कूलों- कॉलेजों के पास बेचने वालों पर सीधी कार्यवाही
महासमुंद, मनेन्द्रगढ़–भरतपुर–चिरमिरी और रायपुर जिले में औषधि निरीक्षकों ने COTPA Act, 2003 के तहत धारा 4 और 6 में व्यापक कार्रवाई की।
स्कूल–कॉलेजों के आसपास तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कुल 18,700 रुपये का चालान वसूला गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की कड़ी कार्यवाही आगे भी पूरे प्रदेश में जारी रहेगी।



