मोहम्मद इसराइल बबलू

भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दौड़ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सबसे अहम आधार है—और इसी दिशा में नवा रायपुर अटल नगर में आकार ले रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना मध्य भारत के हेल्थकेयर परिदृश्य को बदलने वाली ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रही है। 200 एकड़ में विकसित हो रहा यह विशाल मेडिकल सिटी आने वाले वर्षों में देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल टूरिज्म का नया गंतव्य बनने की ओर बढ़ रहा है।
रायपुर ,बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
नया रायपुर अटल नगर, जिसे पहले से ही शिक्षा, उद्योग, परिवहन और आधुनिक शहरी योजना के मॉडल के रूप में जाना जाता है, अब स्वास्थ्य सेवाओं की राजधानी बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकसित की जा रही ‘नवा रायपुर मेडिसिटी’ न केवल प्रदेश, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक के लिए उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाओं का केंद्रीय हब बनकर उभर रही है।
अटल नगर की भौगोलिक स्थिति, अत्याधुनिक सड़क नेटवर्क, रेलवे कनेक्टिविटी और हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्रियों की आवाजाही इसे प्राकृतिक रूप से मेडिकल टूरिज्म का केंद्र बना रही है। जल्द शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें विदेशी मरीजों और मेडिकल रिसर्च सहयोग के लिए नए अवसर खोलेंगी।
5,000+ बेड, सुपर स्पेशियलिटी हब और दिग्गज संस्थानों की भागीदारी
सेक्टर 36–37 में विकसित हो रही यह मेडिसिटी 200 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी, जिसमें
- 5,000+ बेड का हेल्थकेयर कैपेसिटी,
- देश के शीर्ष हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी,
- सुपर–स्पेशियलिटी अस्पताल,
- मेडिकल यूनिवर्सिटी,
- नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज,
- तथा विश्वस्तरीय रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं।
कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, रोबोटिक सर्जरी और मल्टी-स्पेशियलिटी के सबसे उन्नत उपचार मॉडल यहां एक छत के नीचे उपलब्ध होंगे। अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर मध्य भारत में पहली बार इस स्तर पर विकसित हो रहा है।
‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल और ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन
मरीजों व परिजनों के लिए आवासीय कॉलोनियाँ, छात्रावास, होटल, धर्मशालाएँ और वेलनेस इंफ्रास्ट्रक्चर इस पूरे क्षेत्र को एक सुसंगठित मेडिकल ज़ोन का रूप देते हैं।
परियोजना का मॉडल—
- पर्यावरण–अनुकूल डिजाइन,
- बेहतर सार्वजनिक परिवहन,
- किफायती इलाज,
- पीएमजेएवाई और सीजीएचएस के तहत व्यापक स्वास्थ्य लाभ,
इस पूरे सिस्टम को एक आधुनिक, समावेशी और भविष्यगामी हेल्थ सिटी की पहचान देता है।
पहले से मौजूद दो विश्वस्तरीय संस्थान बने मजबूत आधार
नवा रायपुर में पहले से सक्रिय श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल वर्ष 2012 से बाल हृदय रोग उपचार का अंतरराष्ट्रीय केंद्र है।
यहां भारत ही नहीं, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज उपचार के लिए आते हैं।
वहीं बालको कैंसर हॉस्पिटल, 2018 से संचालित, मध्य भारत के 500–600 किमी दायरे में कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक, किफायती और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराता है।
रायपुर की कम प्रदूषण वाली आबोहवा, सस्ती जीवन लागत और विकसित शहरी वातावरण मरीजों व मेडिकल पेशेवरों—दोनों के लिए इसे अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं।
स्वास्थ्य ही नहीं, आर्थिक विकास का भी विशाल इंजन
मेडिसिटी के आसपास
- हेल्थ,
- फार्मा,
- वेलनेस,
- रिसर्च,
- सपोर्ट सर्विसेज
जैसे क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित होंगे।
किफायती आवास और नई व्यापारिक गतिविधियाँ इस क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख इंजन बनाएंगी और जीडीपी में निर्णायक योगदान देंगी।
सरकार का दृष्टिकोण – ‘सुलभता, किफायत, उच्च गुणवत्ता’
परियोजना को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा—
“नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, शिक्षा और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनाएगी। यह हेल्थकेयर का भविष्य–मॉडल है—सुलभ, किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं पर आधारित।”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार—
“नवा रायपुर मेडिसिटी पूरे मध्य भारत में आधुनिक स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत है। यह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के राज्यों को भी उन्नत और किफायती चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराएगी।”
नवा रायपुर मेडिसिटी एक परियोजना भर नहीं—बल्कि भारत के मेडिकल इकोसिस्टम, रिसर्च क्षमता और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक मानकों पर ले जाने वाला नया अध्याय है। आने वाले वर्षों में यह हेल्थकेयर सिटी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एक निर्णायक परिवर्तन की कथा लिखने जा रही है।



