मोहम्मद इसराइल बबलू

पिछले पाँच महीनों में बिलासपुर पुलिस की नजरें शहर की सड़कों पर दौड़ते खतरे पर टिकी रहीं। तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग और रात के अंधेरे में बीच सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन—शहर का ट्रैफिक सिस्टम लगातार चुनौती बनता रहा और पुलिस की सख्त कार्रवाई में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए।
बिलासपुर ,रायपुर ,छत्तीसगढ़।
बिलासपुर के प्रमुख मार्गों पर पिछले कुछ महीनों से स्टंटबाजी और सड़क पर जश्न मनाने का चलन तेजी से बढ़ा था। बाइक की चक्करदार व्हीलिंग, ट्रक और कारों की खतरनाक ड्राइविंग और बीच सड़क पर केक काटकर सेलिब्रेशन… शहर की आमजन के लिए ये घटनाएं खतरे का संकेत बन चुकी थीं। पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग और विशेष निगरानी में ऐसे समूहों की गतिविधियाँ एक-एक कर सामने आईं।
बीते पाँच महीनों में पुलिस ने कुल 14 प्रकरण दर्ज किए—जिनमें 10 मामले स्टंटबाजी के और 4 मामले सड़क पर बर्थडे सेलिब्रेशन से जुड़े रहे। सभी घटनाएँ सार्वजनिक मार्गों पर मौजूद भीड़ और यातायात के बीच की गईं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। कार्रवाई के दौरान पुलिस के हाथ कई बाइक और चार पहिया वाहन लगे, जिन्हें बिना नंबर प्लेट, तेज रफ्तार और प्रतिबंधित तरीके से चलाया जा रहा था।
अभियान की सबसे बड़ी सफलता गिरफ्तारी के आंकड़ों में दिखी। पुलिस ने 72 आरोपियों को दबोचा और इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई। साथ ही 33 वाहन जब्त कर थाने के परिसर में खड़े कर दिए गए। कई आरोपियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उनकी पहचान की गई और देर रात दबिश देकर हिरासत में लिया गया।
शहर के मुख्य चौक-चौराहों, विश्वविद्यालय के आसपास, कोटा-तखतपुर मार्ग, और सिविक सेंटर की सड़कों पर हुई इन घटनाओं ने पुलिस को विशेष अभियान चलाने पर मजबूर किया। ट्रैफिक व टीम पेट्रोलिंग ने मिलकर रात-दिन अभियान चलाया, जिसके बाद लगातार कार्रवाईयां सामने आती रहीं।
पिछले महीनों में सामने आए इन मामलों ने साफ कर दिया कि बिलासपुर पुलिस की सख्ती के बावजूद सड़क पर खतरनाक प्रदर्शन और अवैध जश्न मनाने वालों की संख्या कम नहीं थी। हर गिरफ्तारी और हर जब्त वाहन के पीछे घंटों की निगरानी, सीसीटीवी फुटेज की छानबीन और फील्ड एक्शन शामिल रहा।
जिले में इस तरह के अपराधों के बढ़ते मामलों ने शहर के ट्रैफिक माहौल को कई बार असुरक्षित बना दिया था, और पुलिस के अभियान ने ऐसे समूहों की गतिविधियों को उजागर करते हुए एक-एक कर उन्हें पकड़ लिया।



