Latest news

बिलासपुर में कांग्रेस का उग्र मार्च … टीन की दीवार ढही, बैरिकेडिंग टूटी, पुलिस का वाटर कैनन दहाड़ा… कलेक्ट्रेट के आसपास पूरे दिन हड़कंप

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
6 Min Read

मोहम्मद इसराइल बबलू


बिलासपुर गुरुवार को राजनीतिक दंगल का अखाड़ा बन गया, जब कांग्रेस का उग्र मार्च कलेक्ट्रेट पहुंचते ही बेकाबू हो उठा। प्रदर्शनकारियों ने टीन की दीवार और बैरिकेडिंग धड़ाधड़ तोड़ डाली, वहीं हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वाटर कैनन की सीधी बौछार से भीड़ को रोकने की कोशिश की। कलेक्ट्रेट के चारों तरफ घंटों अफरा-तफरी, चीख-पुकार और सड़कों पर दौड़ती भीड़— पूरा इलाका दिनभर रणभूमि में तब्दील रहा।



जर्जर सड़कों, महंगे बिजली बिल, धान खरीदी अव्यवस्था और रजिस्ट्री नीतियों के खिलाफ उग्र मार्च… कलेक्टोरेट के सामने पुलिस-प्रदर्शनकारियों में तीखा टकराव
बिलासपुर, 27 नवंबर 2025।


छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार को कांग्रेस ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केसरवानी और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पांडे के नेतृत्व में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। जर्जर सड़कों, बढ़े हुए बिजली बिल, धान खरीदी में अव्यवस्था और रजिस्ट्री शुल्क जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता नेहरू चौक से कलेक्टोरेट तक पैदल मार्च करते हुए उतर पड़े। प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय के बाहर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। तनाव उस समय बढ़ गया जब भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस को वज्र वाहन एवं वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
नेहरू चौक से शुरू हुआ मार्च सैकड़ों की भीड़ में बदल गया। कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। कलेक्टोरेट के पास रोकने की कोशिश में लगी पुलिस ने बैरिकेडिंग खड़ी की, लेकिन उग्र भीड़ ने उसे तोड़ दिया। इस दौरान बैरिकेडिंग पर चढ़े बिलासपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी समेत अन्य कार्यकर्ता नीचे गिर पड़े। मौके पर अफरा-तफरी के बीच पुलिस ने बल प्रयोग के बजाय भीड़ को पीछे धकेलने के लिए पानी की बौछार चलाई।


प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर मुद्दों का उल्लेख किया, जिनके समाधान की मांग की गई।
मुद्दे जिन पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा


1. जर्जर सड़कें और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर सवाल
लगातार खराब होती सड़कों का हवाला।
बरसात के बाद सड़कें फिर टूटने की समस्या।
दुर्घटनाओं और धूलजनित बीमारियों में वृद्धि।
स्मार्ट सिटी फंड से ऐसी सड़क बनना जिस क्षेत्र में एक भी घर नहीं, साथ ही वह सड़क निजी जमीन में जाकर समाप्त— कांग्रेस ने इसे “अव्यवहारिक योजना” बताया।
2. कोयला खनन और जंगलों की कटाई— पर्यावरण बनाम उद्योग पर सवाल
हसदेव अरण्य और तमनार में अंधाधुंध पेड़ों की कटाई का मुद्दा।
कांग्रेस का दावा— कोयला उद्योग से छत्तीसगढ़ के लोगों को फायदा नहीं, उल्टा प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान।
किसानों से धान लगाने पर पानी की खपत का तर्क देकर रोक, जबकि उद्योगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध— इस “दोहरी नीति” पर सवाल।
3. बिजली बिलों की मार और स्मार्ट मीटर विवाद
कांग्रेस का आरोप— सरकार ने दो साल में पाँच बार बिजली दरें बढ़ाईं।
कम बिजली खपत के बावजूद बिल हजारों में।
स्मार्ट मीटर बिजली बंद होने पर भी चलते रहते हैं।
जनता के बढ़ते आक्रोश का हवाला।
4. धान खरीदी में अव्यवस्था— किसानों की बेचैनी
कई खरीदी केंद्रों में प्रक्रिया शुरू नहीं होने का दावा।
पंजीयन में गड़बड़ियाँ, किसान लगातार भटक रहे।
बोरा उपलब्धता को लेकर स्थिति अस्पष्ट।
कांग्रेस ने कहा— मौजूदा व्यवस्था से कई किसान धान बेच ही नहीं पाएंगे।
5. रजिस्ट्री शुल्क वृद्धि और गरीबों की जमीन पर ‘बुलडोजर’ का आरोप
पाँच डिसमिल की जमीन की रजिस्ट्री बंद करने का मुद्दा।
इससे गरीबों को संपत्ति होने के बावजूद बिक्री या सामाजिक कार्यों के लिए ऋण लेने में दिक्कत।
नई गाइडलाइन से रजिस्ट्री शुल्क में भारी वृद्धि— मध्यम वर्ग पर असर।
गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाकर बेघर करने का आरोप—
“महिलाएँ और मजदूर शहर के पास रहने से जो रोजगार पाते थे, वह भी छीना जा रहा है।”
विरोध का स्वर


कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को जन-आक्रोश की अभिव्यक्ति बताया। भीड़ में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाजपा सरकार के ‘अव्यवहारिक फैसलों’ से शहर से लेकर गांव तक हर वर्ग प्रभावित है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने बैरिकेडिंग टूटने के दौरान गिरने के बावजूद मार्च जारी रखा और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए प्रतिनिधिमंडल को नेतृत्व दिया।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि बिजली बिल, रजिस्ट्री शुल्क और सड़कों की बदहाली ने जनता का जीवन मुश्किल बना दिया है। धान खरीदी में अव्यवस्था से किसान परेशान हैं। कोयला खनन और जंगल कटाई के मुद्दे को भी कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ एक बड़े अभियान का हिस्सा बताया।
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने सभी मुद्दों के तत्काल समाधान की मांग रखी। ज्ञापन में जर्जर सड़कें, बिजली दरों में बढ़ोतरी, धान खरीदी अव्यवस्था, रजिस्ट्री शुल्क वृद्धि और गरीबों को हटाने जैसे मुद्दों का विस्तृत उल्लेख किया गया।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।