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शिक्षक की गुंडागर्दी से तंग आकर 15 साल की छात्रा ने दी जान — विभाग ने आरोपी मास्टर को किया सस्पेंड, पुलिस ने किया जुर्म दर्ज

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नेवासा में एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत ने प्रदेश के शिक्षा तंत्र, निजी स्कूलों की मनमानी और शिक्षक-प्रबंधन की मिलीभगत पर जोरदार सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज में कैद मारपीट से क्षुब्ध छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में रोष है। पुलिस ने BNS की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच तेज कर दी है।“स्कूल में पिटाई, मास्टर खड़े देखते रहे… छात्रा ने घर जाकर जान दे दी!”
“सीसीटीवी में सच कैद… आरोपी शिक्षक ने सरकारी भवनों पर भी कर रखा था कब्ज़ा!”
घटनाक्रम: कैसे ‘पिटाई’ से शुरू हुआ मामला मौत तक पहुंचा?
नेवासा के सीता देवी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा पूनम (15) को स्कूल कैंपस में ही बेरहमी से पीटा गया। फुटेज में दिखा कि मारपीट के वक्त शिक्षक रमेश कुमार साहू मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने न हस्तक्षेप किया, न प्रबंधन को सूचना दी।
घर पहुंचने के बाद आहत छात्रा ने चरम कदम उठा लिया। परिजन जब अस्पताल लाए, तब तक देर हो चुकी थी।
जेडी बिल्हा का एक्शन— आरोपी शिक्षक निलंबित
शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षक रमेश साहू को तत्काल निलंबित कर दिया। कारण—
छात्रा के साथ हुई घटना के दौरान मौजूद रहकर भी कोई हस्तक्षेप नहीं किया
घटना को दबाने की कोशिश
शिकायतों को विभाग तक नहीं पहुंचाना
वर्षों से अपने सरकारी स्कूल में अनुपस्थित रहना
सरकारी भवनों का अवैध कब्जा कर निजी स्कूल संचालन
सीसीटीवी में साफ दिखा सच
पुलिस जांच में जो फुटेज सामने आया, उसने पूरे प्रकरण को पलट दिया—
छात्रा को स्कूल प्रांगण में पीटा गया
कोई रोकने नहीं आया
शिक्षक रमेश साहू घटना के दौरान मौजूद थे
छात्रा के चेहरे पर भय और दर्द साफ दिखा
इस फुटेज ने सारा “सच” बाहर ला दिया।
सरकारी भवनों पर अवैध कब्जा — PMO तक पहुंची थी शिकायतें
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा—
शिक्षक रमेश साहू ने ग्राम पंचायत के सरकारी भवन
और खादी ग्रामोद्योग के परित्यक्त परिसरों
पर अवैध कब्जा कर रखा था।
यहीं से वे अनुमति के बिना विद्यालय गतिविधियां चला रहे थे।
ग्रामीणों और अभिभावकों की शिकायतें वर्षों तक दबती रहीं, लेकिन आखिरकार मामला इतना बढ़ा कि शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई।
स्थानीयों का आरोप— “सरकारी मास्टर, मगर स्कूल में दिखता ही नहीं था”
ग्रामीणों ने बताया कि साहू कडरी स्थित सरकारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ है, लेकिन—
वर्षों से स्कूल नहीं पहुंचा
निजी इलाके में अपनी मनमर्जी से “स्कूल” चलाता रहा
विभाग को कभी सूचना नहीं दी
बच्चों के भविष्य, सुरक्षा और पढ़ाई से खिलवाड़ करता रहा
पुलिस की कार्रवाई— धारा 108 BNS में केस दर्ज
रतनपुर पुलिस ने मर्ग जांच के बाद संज्ञेय अपराध प्रमाणित होने पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अगली कार्यवाही में—
संबंधित सीसीटीवी फुटेज
स्कूल स्टाफ के बयान
छात्रा के परिजनों के बयान
पूर्व शिकायतों
को जांच में शामिल किया जा रहा है।

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