मोहम्मद इसराइल बबलू


कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सुनील पटेल की नियुक्ति—जिला राजनीति में नया पावर सेंटर उभरता दिख रहा है
रायपुर–बिलासपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस की नई नियुक्तियों में सबसे ज्यादा चर्चा बिलासपुर की हो रही है, जहाँ भिलाई के विधायक और संगठन में तेज़ी से उभरते प्रभावशाली नेता देवेंद्र यादव की रणनीतिक चाल सुर्खियों में है। युवा कांग्रेस के बड़े पुनर्गठन के बीच बिलासपुर रूरल में सुनील पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले ने जिलाई राजनीति के पूरे परिदृश्य को हिला दिया है। राजनीतिक गलियारों में इसे यादव की दूरगामी योजना और संगठनात्मक पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है।
युवा कांग्रेस ने प्रदेशभर में 11 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्तियाँ की हैं, लेकिन बिलासपुर की नियुक्ति ने सबसे अधिक हलचल मचाई है। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र से सक्रिय और जमीन से जुड़े कार्यकर्ता माने जाने वाले सुनील पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष का जिम्मा सौंपना एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। यह नियुक्ति सीधे तौर पर देवेंद्र यादव की पसंद मानी जा रही है और इसे बिलासपुर युवा कांग्रेस में शक्ति संतुलन बदलने वाली “क्लीन मूव” माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिलासपुर युवा कांग्रेस के भीतर पिछली कुछ महीनों से बनते तनाव, जिलाध्यक्ष स्तर पर खालीपन और संगठन की सक्रियता में कमी के बीच यादव ने अपने समर्थक चेहरे को सामने लाकर नए समीकरण स्थापित कर दिए हैं। हाल ही में युवा कांग्रेस के पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पर जिला बदर की कार्रवाई के बाद संगठन में नया नेतृत्व नियुक्त करना अनिवार्य हो गया था—और इसी खाली जगह को भरने में यादव की भूमिका सबसे निर्णायक साबित हुई।
प्रदेश की नई सूची में कांकेर से राजेंद्र राजू दुबे, बस्तर से महेंद्र नायक, जगदलपुर शहर से नीलकेत राज झा, सुकमा से आर्यन चौहान, बेमेतरा से प्रांजल तिवारी, भिलाई नगर से इमाम खान, जांजगीर-चांपा से पंकज शुक्ला, शक्ति से प्रताप चंद्र, रायगढ़ रूरल से उस्मान बैग, सारंगढ़–बिलाईगढ़ से शुभम बाजपेई और बिलासपुर रूरल से सुनील पटेल को जिम्मेदारी दी गई है।
इन सभी नियुक्तियों के बीच सबसे ज्यादा नज़रें बिलासपुर पर टिकी हैं, जहाँ सुनील पटेल का उभार युवा कांग्रेस के भीतर नई शक्ति संरचना का संकेत दे रहा है—और इस पूरी स्थिति के केंद्र में विधायक देवेंद्र यादव की रणनीति को लेकर चर्चाएँ तेज़ हैं।



