मोहम्मद इसराइल बबलू
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ का बिलासपुर रेल मंडल एक बार फिर बड़ी लापरवाही के चलते सुर्खियों में है। हाल ही में हुए भीषण रेल हादसे से लोग उबरे भी नहीं थे कि गुरुवार को कोटमी सोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच एक ही ट्रैक पर दो मालगाड़ियां और एक यात्री ट्रेन आमने-सामने आ गईं। स्थिति यह थी कि मेमू लोकल ट्रेन के आगे और पीछे दोनों ओर मालगाड़ियां खड़ी हो गईं, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग घबराकर ट्रेन से नीचे उतर गए।

जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर रेल मंडल के कोटमी सोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच यह घटना गुरुवार सुबह हुई। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ देर के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों ने सुरक्षा के मद्देनज़र ट्रेन से उतरकर ट्रैक किनारे शरण ली। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और सभी ट्रेनों को अलग-अलग ट्रैक पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की।

दो दिन पहले हुआ था बड़ा हादसा:
गौरतलब है कि महज दो दिन पहले ही बिलासपुर के समीप एक भीषण रेल दुर्घटना हुई थी। मंगलवार की शाम 4 बजकर 10 मिनट पर कोरबा से बिलासपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन अप लाइन में कोयले से लदी खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों यात्री घायल हुए थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोकल ट्रेन का इंजन, गार्ड डिब्बा और महिला कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गए थे।
इस हादसे में लोकल ट्रेन के चालक विद्यासागर मौके पर ही मलबे में दब गए थे, जबकि महिला असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि सिंह गंभीर रूप से घायल हुई थीं।
रेलवे की प्रतिक्रिया
यह ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली की सामान्य परिचालन है। इस प्रणाली में प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, जिसमें हर सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन चल सकती है । मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग – अलग ट्रैक नहीं होती है, दोनों एक ही ट्रैक पर चलती है और एक दूसरे के पीछे चलाई जाती है । रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली एक सुरक्षित कार्यप्रणाली है, और इस रेलखंड में 2023 से लागू है ।
स्थान: कोटमी सोनार – जयरामनगर स्टेशन (बिलासपुर मंडल)
घटना: एक ही ट्रैक पर दो मालगाड़ी और एक मेमू
पिछला हादसा: कोरबा पैसेंजर और मालगाड़ी की टक्कर में 11 मौतें
चालक: विद्यासागर (मृत), असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि सिंह (गंभीर घायल)



