Latest news

रेल हादसा: मालगाड़ी और मेमू की टक्कर में मौत का मंजर — भूपेश बघेल बोले, ‘रेलवे की लापरवाही बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई’

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
4 Min Read

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्टेशन के पास देश को दहला देने वाला रेल हादसा — सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में, सिस्टम फेल होने के आरोप
मोहम्मद इसराइल बबलू | बिलासपुर/रायपुर | 4 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे मंडल में सोमवार दोपहर लालखदान और बिलासपुर स्टेशन के बीच हुआ रेल हादसा देशभर में रेल सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है।
कोरबा से आ रही मेमू लोकल और मालगाड़ी की आमने-सामने टक्कर में अब तक 10 यात्रियों की मौत और कई घायल हो गए हैं।
हादसे का दृश्य इतना भयावह था कि मेमू ट्रेन का इंजन और दो डिब्बे पूरी तरह मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गए, जिससे कई यात्री मलबे में दब गए।
घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद बोगियों से चीखें और मदद की पुकारें गूंज उठीं, जबकि स्थानीय लोग और रेलवे कर्मचारी राहत में जुट गए।
भूपेश बघेल का सख्त बयान — “यह हादसा रेलवे सिस्टम की विफलता का प्रतीक”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा,
“यह हादसा केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि रेलवे प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। यह मानव जीवन के प्रति असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है। दोषी अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।”
भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि
“जब रेलवे में कंप्यूटरीकृत सिग्नलिंग और ऑटो-कंट्रोल सिस्टम लागू है, तब ऐसी टक्कर कैसे संभव है? यह सिस्टम की नाकामी का सबूत है।”
उन्होंने केंद्र सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से जवाबदेही तय करने और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।


विपक्ष का हमला — ‘कोयला लदान की दौड़ में यात्री सुरक्षा को भुला दिया गया’
हादसे के बाद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, राजेंद्र शुक्ला, प्रमोद नायक, अभय नारायण राय, जितेंद्र पांडे, और शिवबालक कौशिक सहित कई कांग्रेस नेता घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे।
अटल श्रीवास्तव ने कहा —
“रेलवे द्वारा यात्री गाड़ियों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर कोयला लदान को प्राथमिकता दी जा रही है। यह हादसा उसी दबाव और लापरवाही का परिणाम है। जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें सस्पेंड किया जाए।”
कांग्रेस ने कहा कि हादसे ने साफ कर दिया कि रेलवे सिस्टम लदान और रेवेन्यू के दबाव में सुरक्षा के मानक भूल चुका है।
कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन — रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग
शाम सात बजे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी-01 द्वारा शहीद विनोद चौबे प्रतिमा स्थल पर मृतकों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई।


इस मौके पर महेश दुबे, रामशरण यादव, भरत कश्यप, ऋषि पांडेय, जावेद मेमन, राजू यादव, स्वर्णा शुक्ला, अहमद असद, वकार खान, और रितेश मसीह सहित कई स्थानीय नेता मौजूद थे।
कांग्रेस प्रवक्ता ऋषि पांडेय ने कहा —
“देश में रोज रेल दुर्घटनाएं हो रही हैं, पर रेल मंत्री न इस्तीफा दे रहे हैं, न सुधार के कदम उठा रहे हैं। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, जनता हादसों की कीमत चुकाती रहेगी।”
कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी, गंभीर घायलों को ₹50 लाख, और सामान्य घायलों को ₹5 लाख देने की मांग की है।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।