– पढ़ाई के बीच अचानक कमरे से बाहर निकली, पुल तक दौड़ी और लगा दी छलांग; आत्महत्या के कारणों का नहीं हुआ खुलासा
बिलासपुर, 3 नवंबर 2025।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। राजकिशोर नगर निवासी छात्रा अदिति ने बीती रात रहस्यमय परिस्थितियों में अरपा नदी पर बने छठघाट पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। परिवारजन इस घटना से स्तब्ध हैं, वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।


पढ़ाई कर रही थी, अचानक कमरे से निकली और दौड़ पड़ी
मिली जानकारी के अनुसार, अदिति अपने घर में बहन के साथ नीचे के कमरे में पढ़ाई कर रही थी। घर की ऊपरी मंजिल पर उसके माता-पिता आराम कर रहे थे। इसी दौरान रात लगभग डेढ़ बजे वह अचानक कुर्सी से उठी और तेजी से कमरे से बाहर निकल गई।
उसकी बड़ी बहन ने जब देखा तो पीछे-पीछे भागी और रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक अदिति घर से काफी दूर निकल चुकी थी। वह तेजी से अरपा नदी के छठघाट पुल की ओर भागती रही। बहन उसे पुकारती रही, पर वह नहीं रुकी। पुल पर पहुंचते ही उसने बिना कुछ कहे नदी में छलांग लगा दी।
बहन के सामने घटी दर्दनाक घटना, रेस्क्यू कर निकाला गया शव
घटना देखकर बहन सदमे में आ गई और मदद के लिए चिल्लाने लगी। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे, लेकिन अदिति पानी में गायब हो चुकी थी। तुरंत इसकी सूचना सरकंडा थाना पुलिस और परिजनों को दी गई।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी व पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ घंटे की मशक्कत के बाद छात्रा का शव नदी से बरामद किया गया।
परिजन सदमे में, पिता बोले – समझ नहीं आया क्या हुआ
मृतका के पिता अरुण कुमार ने बताया,
“रात में हम ऊपर के कमरे में थे, नीचे दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही थीं। अचानक अदिति कमरे से निकली और दौड़ती चली गई। हमें समझ ही नहीं आया उसे क्या हुआ। कुछ ही देर बाद पता चला कि वह नदी में कूद गई।”
परिवारजन ने बताया कि अदिति का स्वभाव सामान्य था और किसी प्रकार का तनाव या विवाद सामने नहीं आया था। फिलहाल आत्महत्या का कारण अज्ञात है।
पुलिस ने की जांच शुरू, मानसिक तनाव की भी पड़ताल
सरकंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर मर्ग कायम किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि “घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। परिवार और दोस्तों से पूछताछ के बाद ही आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।”
पुलिस मोबाइल फोन और सोशल मीडिया एक्टिविटी की भी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि अदिति किसी मानसिक दबाव, व्यक्तिगत परेशानी या अन्य कारण से परेशान तो नहीं थी।
शहर में सदमा, छात्र समुदाय में सन्नाटा
राजकिशोर नगर और आसपास के इलाके में इस घटना के बाद माहौल गमगीन है। छात्रा अदिति अपने मोहल्ले और स्कूल में मेधावी मानी जाती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि “इतनी होनहार बच्ची ने ऐसा कदम क्यों उठाया, कोई समझ नहीं पा रहा।”
सवाल छोड़ गई अदिति
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को उठाती है कि युवा वर्ग मानसिक दबाव में कितना संवेदनशील हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों को बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।



