एक में पत्नी बनी कातिल, दूसरे में दोस्त बने दुश्मन; इंसानियत शर्मसार, भरोसे का कत्ल
मोहम्मद इसराइल बबलू
बिलासपुर, रायपुर।छत्तीसगढ़ इन दिनों दो खौफनाक हत्याओं से सिहर उठा है। एक वारदात बलौदाबाजार में जहां एक पत्नी ने अपने 15 साल छोटे प्रेमी के साथ मिलकर पति का कत्ल किया, वहीं दूसरी वारदात जशपुर में जहां दोस्तों ने कमीशन के पैसों के लिए साथी मजदूर की हत्या कर दी और पहचान मिटाने को शव जला डाला। दोनों केस भरोसे, लालच और जुनून के उस काले मेल को दिखाते हैं, जहां रिश्ते सिर्फ एक “अवसर” बनकर रह गए — और इंसान अपनी ही इंसानियत से दूर जा गिरा।
बलौदाबाजार: 15 साल छोटे प्रेमी के साथ पति का कत्ल, सोशल मीडिया से शुरू हुआ खतरनाक रिश्ता

बलौदाबाजार के पलारी थाना क्षेत्र के वटगन गांव में 40 वर्षीय चंद्रिका गिरी ने अपने पति अमृत गिरी (45) की बेरहमी से हत्या कर दी। जांच में खुलासा हुआ कि उसने बिहार के मुजफ्फरनगर निवासी 30 वर्षीय प्रेमी टुन्ना कुमार शर्मा के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
दोनों की मुलाकात चार साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। टुन्ना चेन्नई में नौकरी करता था और उम्र में चंद्रिका से करीब 15 साल छोटा था। सोशल मीडिया की दोस्ती जल्दी ही नजदीकी में बदली, और फिर यह रिश्ता जुनून में बदल गया।
जब चंद्रिका को पता चला कि टुन्ना की शादी तय हो गई है, तो उसने अपने पति को “रास्ते से हटाने” का प्लान बनाया। रायपुर के एक होटल में बैठकर दोनों ने कुल्हाड़ी से हत्या की पूरी स्कीम तैयार की।
24 अक्टूबर की रात गांव में नाचा कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान टुन्ना छत के रास्ते घर में घुसा और सोफे पर सो रहे अमृत पर दो वार किए। अमृत की मौके पर ही मौत हो गई। टुन्ना हथियार बैग में रखकर फरार हो गया और चेन्नई पहुंच गया।
मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स से जब पुलिस ने जाल कसा, तो हकीकत सामने आ गई। पुलिस ने चेन्नई से टुन्ना को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल किया और बताया कि हत्या के हर कदम पर चंद्रिका ने उसकी मदद की।
अब दोनों जेल में हैं — लेकिन सोशल मीडिया से जन्मा यह रिश्ता समाज के लिए एक खौफनाक चेतावनी बन गया है।
जशपुर: दोस्तों ने की मजदूर साथी की हत्या, पहचान मिटाने को शव जला डाला


दूसरी वारदात जशपुर की है, जहां दोस्तों ने अपने ही मजदूर साथी की हत्या कर दी। सीमित खाखा (28), ग्राम सीटोंगा निवासी, अपने दोस्तों रामजीत राम (25), वीरेंद्र राम (24) और एक 17 वर्षीय नाबालिग के साथ हजारीबाग (झारखंड) में मजदूरी करता था।
घर लौटने के बाद कमीशन के पैसों को लेकर झगड़ा हुआ। 17 अक्टूबर की रात बांकीटोली पुलिया के पास श्मशान घाट के पास चारों ने बैठकर शराब पी, और विवाद इतना बढ़ा कि तीनों दोस्तों ने सीमित पर चाकू और लोहे की छड़ से हमला कर दिया।
हत्या के बाद शव को गड्ढे में फेंककर पेट्रोल डालकर जला दिया गया ताकि पहचान मिट जाए।
अगली सुबह अधजला शव मिला — आसपास पेट्रोल की गंध और राख में दबा इंसानियत का सबूत।
तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स ने पुलिस को सच्चाई तक पहुंचाया। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, लोहे की छड़ और कपड़े जब्त कर लिए। दो आरोपी जेल भेजे गए, जबकि नाबालिग को सुधारगृह।



