मो इसराइल
शहर और ग्रामीण कांग्रेस ने केरल प्रवक्ता पिंटू महादेवन के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की
बिलासपुर। 01 अक्टूबर 2025:
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) ने सिविल लाइन थाना में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें केरल के भाजपा प्रवक्ता पिंटू महादेवन द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष माननीय राहुल गांधी के सीने में गोली मारने की धमकी देने की कड़ी निंदा की गई।
कांग्रेस का आरोप: भाजपा की रणनीति में शामिल आपराधिक बयान

शहर अध्यक्ष विजय पांडेय और ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि 26 सितंबर को पिंटू महादेवन एक टीवी चैनल की डिबेट में भाजपा के अधिकृत प्रवक्ता के रूप में मौजूद थे। उन्होंने ऑनलाइन डिबेट में राहुल गांधी पर गोली मारने की धमकी दी, जिसे पूरा देश देख चुका है।
अध्यक्षों ने जोर देते हुए कहा कि चूंकि पिंटू महादेवन भाजपा के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में बैठे थे, यह बयान उनका निजी नहीं बल्कि भाजपा का बयान माना जाएगा। अभी तक भाजपा के राष्ट्रीय या केरल संगठन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
भाजपा की मौन नीति और लोकतांत्रिक आदर्शों पर हमला
अध्यक्षों ने कहा कि इससे पहले भी भाजपा नेताओं द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ गंभीर बयान दिए गए, लेकिन पार्टी मौन रही। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और भाजपा 2014 में जिस विकास के विमान में सवार हुए थे, वह अब महंगाई, विदेशी कर्ज, बेरोजगारी और वोट चोरी जैसी विफलताओं में डूब चुका है।
विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि केंद्र सरकार को राहुल गांधी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कोई कोताही नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आज देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और देश उनकी सोच और विचारों से अपेक्षाएं रखता है। ऐसे नेता पर आपराधिक और अशोभनीय टिप्पणियां करने वालों पर सख्त कार्यवाही जरूरी है।
एफआईआर दर्ज और कांग्रेस नेताओं का विरोध प्रदर्शन
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन, नरेंद्र बोलर, राकेश शर्मा, विश्वम्भर गुलहरे, ऋषि पांडेय, समीर आनन्द, जावेद खान, विनोद साहू, शेरू असलम, राजू यादव, सुभाष ठाकुर, अनिल पांडेय, खालिद मेमन, रमजान गौरी, राज कुमार बंजारे, बिंदु जायसी, जहूर अली, राजू सूर्यवंशी, शेख निजामुद्दीन और हरमेन्द्र शुक्ला समेत कई नेताओं ने एफआईआर दर्ज कराने के दौरान सख्त विरोध जताया और भाजपा पर लोकतंत्र और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
अध्यक्षों ने कहा कि यदि भाजपा सच में लोकतंत्र और कानून का सम्मान करती, तो उसके प्रवक्ता इस तरह का आपराधिक बयान नहीं देते। कांग्रेस ने कहा कि यह बयान लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है और भाजपा की वास्तविक मानसिकता उजागर करता है।



